आपदा राहत संचालन व पर्यवेक्षण के लिए अधिकरियों की टीम गठित

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छपरा जिले बढ़ रही बाढ़ की त्रासदी को देखते हुए डीएम सुब्रत कुमार सेन ने मंगलवार को आपदा राहत संचालन व पर्यवेक्षण को लेकर टीम का गठन किया है। एडीएम गगन प्रसाद को पानापुर व मशरक तथा एडीएम भरत भूषण प्रसाद को पानापुर, इसुआपुर व अमनौर का वरीय नोडल पदाधिकारी बनाया है। प्रत्येक प्रखंड के लिए अलग से नोडल पदाधिकारी बनाये गये हैं और उनको निर्देश दिया गया है कि राहत व बचाव कार्य, सामुदायिक किचन की व्यवस्था, नाव की व्यवस्था तथा अनुग्रह अनुदान का वितरण कराना सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को मेडिकल टीम बनाकर शरणस्थलों में रह रहे लोगों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्देश दिया गया।
अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन के द्वारा बताया गया है कि सारण जिला के पांच प्रखंडों पानापुर, तरैया, परसा, मकेर और मशरक के कुल 30 पंचायतों के 109 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित गांवों में 73 गांव चारों तरफ से पानी से घीरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है। कुल 99 नाव परिचालित करायी जा रही है। इसके अतिरिक्त 11 मोटर वोट लगाये गये हैं एवं एनडीआरएफ की टीम भी लोगों का सहयोग कर रही है। 54 स्थानों पर सामुदायिक रसोई की व्यवस्था करायी गयी है जहां 31900 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले डीएम

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन बाढ़ प्रभावितों से लगातार सम्पर्क बनाये हुए हैं। जिलाधिकारी ने तरैया प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण लोगों से मिलकर स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जिलाधिकारी के द्वारा इस प्रखंड में चलाये जा रहे कई राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई का भी निरीक्षण कर पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा लोगों को पालीथिन सिट्स तुरंत उपलब्ध कराने तथा पर्याप्त संख्या में नावों का परिचालन कराने का निर्देश दिया गया।

सामुदायिक केंद्र की दूरी पांच सौ मीटर से अधिक न हो

जिलाधिकारी ने शरणस्थलों एवं सामुदायिक रसोई का निरीक्षण करते हुए कहा कि खाने का कैम्प ऐसा बनायें ताकि शरणार्थियों को 500 मीटर से अधिक नहीं जाना पड़े। जिलाधिकारी के द्वारा अधिक से अधिक कैम्प चलाने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया गया ताकि एक ही शरणस्थली पर ज्यादा की संख्या नहीं रहे और सभी को सहूलियत हो।

सूखा दूध का 156 पैकेट वितरित

इसके पूर्व जिलाधिकारी द्वारा डीपीओ आइसीडीएस को शरणस्थली में रह रहे छ: वर्ष तक के बच्चों को सुधा का दुग्ध चूर्ण वितरित कराने का निर्देश दिया गया था। डीपीओ वंदना पाण्डेय के द्वारा बताया गया कि मंगलवार को 200 ग्राम के 156 पैकेट सुधा दुग्ध चूर्ण का वितरण कराया है। उन्होंने कहा कि 18 ग्राम दूध चूर्ण से एक ग्लास दूध बनाया जाता है।

एनडीआरएफ व मेडिकल टीम ने तीन प्रसव पीड़िता को पहुंचाया सुरक्षित स्थान

एनडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को पानापुर प्रखंड की तीन प्रसव पीड़िता को मोटबोट से सुरक्षित स्थान पर भेजा। जिसके बाद मेडिकल टीम के द्वारा उनका प्रसव करवाया गया। बताया जाता है कि डीएम को सूचना मिली थी कि पानापुर के दुबौली, मुड़वा व फकुली गांव में प्रसव पीड़िता हैं। गांव चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है। तीनों की हालत खराब है। इसकी जानकारी होने के बाद मोटरबोट से डीएम ने एनडीआरएफ व मेडिकल टीम को तीनों गांव में भेजा। जिसके बाद तीनों महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। जहां महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है।

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