क्यों अर्णब गोस्वामी का यह वीडियो पत्रकारिता, कानून, संस्कृति और मानवता चारों के खिलाफ है

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बुधवार के बाद गुरुवार को भी रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी देश की चर्चाओं का हिस्सा बने हुए हैं. उनका आरोप है कि बीती रात को जब वे अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे तब दो लोगों ने उनकी कार पर हमला किया. बाद में जब उनके सुरक्षाकर्मियों ने इन लोगों को पकड़ा तो उन्हें पता चला कि वे लोग यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता थे जिन्होंने अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के कहने पर अर्णब को निशाना बनाने की कोशिश की थी. उन्होंने इस मामले में रात को ही एक वीडियो जारी करते हुए सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि –

‘सोनिया गांधी! मैं आपको बस इतना बताना चाहता हूं कि आप सबसे बड़ी कायर हैं. जब मैं अपने काम से घर लौट रहा था तब आपने मुझ पर हमला करवाने की सोची. आपमें इतनी हिम्मत नहीं है कि आप मेरे जायज सवालों का सामना कर सकें. इसलिए आपने मुझ पर और मेरी पत्नी पर हमला करवाने की कोशिश की. आगे मुझ पर अगर किसी तरह का कोई हमला होता है तो मैं व्यक्तिगत रूप से आपको ही उसका जिम्मेदार ठहराऊंगा. हर कोई जो यह वीडियो देख रहा है, मैं उससे कहना चाहता हूं कि अगर मुझे कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदार सोनिया गांधी होंगी. सोनिया गांधी और वाड्रा परिवार. जो अब मेरे सवालों को सह नहीं पा रहे हैं. मैंने प्रियंका वाड्रा द्वारा हिंदू और मुसलमान (मरीजों) को अलग-अलग रखने वाली खबर का सच दिखाया था और मैं आगे भी ऐसा करता रहूंगा. अब आप आगे जाकर अपनी मशीनरी, अपने गुंडों या जिस किसी भी चीज का इस्तेमाल मेरे खिलाफ करना चाहें तो कर सकती हैं. लेकिन सोनिया गांधी मैं आपको बताना चाहता हूं कि भारत के लोग मेरे साथ हैं.’

बात तो उनके इस वीडियो और उन पर हुए कथित हमले पर भी की जा सकती है, लेकिन फिलहाल चर्चा अर्णब के उस प्रोग्राम या उसके उस हिस्से की जिसकी वजह से वे बुधवार को भी देश की चर्चा का विषय बने हुए थे. इसमें उन्होंने पालघर में हुई दो साधुओं की हत्या के बाद बेहद जज्बाती होकर कई बातें कही थीं. इनमें सोनिया गांधी को काफी भला-बुरा कहा जाना भी शामिल था. शायद वे इसी का जिक्र कर रहे थे जब कह रहे थे कि ‘आपमें इतनी हिम्मत नहीं है कि आप मेरे जायज सवालों का सामना कर सकें. इसलिए आपने मुझ पर और मेरी पत्नी पर हमला करवाने की कोशिश की.’


बुधवार को सोशल मीडिया के टॉप-10 ट्विटर ट्रेंड्स में से ज्यादातर ट्रेंड न्यूज एंकर अर्णब गोस्वामी से संबंधित थे. इन ट्रेंड्स में जहां एक तरफ हैशटैग्स ‘आई सपोर्ट अर्णब गोस्वामी,’ ‘इंडिया सपोर्ट अर्णब गोस्वामी’ और ‘अर्णब एक्सपोजेज सोनिया’ पर की जा रही टिप्पणियों में अर्णब गोस्वामी और उनके चैनल की तारीफ के साथ-साथ उन्हे सच्चा हिंदू और राष्ट्रवादी बताया जा रहा था. वहीं, दूसरी तरफ हैशटैग्स ‘अर्णब गोस्वामी,’ ‘अरेस्ट एंटी इंडिया अर्णब’ और ‘अर्णब मानवता का दुश्मन है’ पर की जाने वाली टिप्पणियों में उनकी आलोचनाएं दिखाई दे रहीं थीं. दिन खत्म होने तक हैशटैग ‘अरेस्ट एंटी इंडिया अर्णब’ और ‘आई सपोर्ट अर्णब गोस्वामी’ पर छह-छह लाख से ज्यादा ट्वीट किए जा चुके थे. यानी यह कहा जा सकता है कि अर्णब गोस्वामी को लेकर किया जा रहा यह ट्विटर युद्ध दोनों तरफ से पूरी ताकत से लड़ा जा रहा था.

सोशल मीडिया पर यह हलचल अर्णब गोस्वामी के चैनल के एक वीडियो पर मची हुई थी. इसमें वे कई ऐसी बातें कहते दिखते हैं जिन्हें पत्रकारिता, नैतिकता और कानून आदि के पैमानों पर ठीक ठहराना काफी मुश्किल है. यह वीडियो रिपब्लिक भारत की एक न्यूज डिबेट का था. इसमें पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के पालघर में हुई मॉब-लिंचिंग की घटना पर चर्चा की जा रही थी. पालघर में एक भीड़ ने बच्चा चोर होने के शक में दो साधुओं सहित तीन लोगों की हत्या कर दी थी. इस सिलसिले में नौ नाबालिगों सहित 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और महाराष्ट्र सीआईडी मामले की जांच कर रही है. चर्चित हो रहे वीडियो में अर्णब गोस्वामी, इस घटना पर चुप्पी साधने के लिए तमाम मीडिया संस्थानों और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सवालों के घेरे में खड़ा करते दिखाई देते हैं. लेकिन ऐसा करते हुए उनका रवैया कुछ ऐसा था जो किसी भी ठीक-ठाक समझ वाले इंसान को भौचक्का कर सकता है.

वीडियो में अर्णब गोस्वामी अपने स्टूडियो में बैठकर पालघर की घटना पर कुछ सवाल पूछते दिखते हैं. इनमें यह सवाल भी शामिल था कि ‘अगर साधुओं की जगह किसी मौलवी या पादरी की हत्या हुई होती तो देश में क्या माहौल होता?’ इसके अलावा, वीडियो में वे घटना से जुड़ी अपनी कुछ धारणाएं और सोनिया गांधी से जुड़ी कुछ कल्पनाएं भी सामने रखते हैं कि ऐसा हुआ है तो सोनिया गांधी अब क्या सोच रही होंगी और आगे क्या करने वाली होंगी. वे कहते हैं कि ‘अगर पादरियों की हत्या होती तो रोम से आई हुई, इटली वाली, एंतोनिया माइनो, सोनिया गांधी चुप नहीं रहती. मुझे लगता है कि मन ही मन वो खुश है कि सड़कों पर संतों को मारा गया है. वो इटली में रिपोर्ट भेजेगी कि जहां पर मैंने एक सरकार बना ली वहां पर हिंदू संतों को मैं मरवा रही हूं.’ इन बातों को सुनकर किसी को भी यह जिज्ञासा हो सकती है कि सोनिया गांधी के मन की बात अर्णब को कैसे पता चल गई थी?

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