बिहार में कल से खुल रहे हाईस्‍कूल, हर बच्‍चे को फ्री में मिलेंगी कई चीजें

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कल यानी सोमवार को प्रदेश के तमाम सरकारी समेत निजी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय खुल जाएंगे। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पहले दिन केवल 50 फीसद विद्यार्थी ही कक्षाओं में आएंगे। सभी विद्यालयों को पिछले 24 दिसंबर को सरकार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से बचाव संबंधी जारी गाइडलाइन का अनुपालन अनिवार्य है। इसकी पूरी निगरानी की जिम्मेवारी जिलाधिकारियों को दी गई है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सभी जिलों में पढ़ाई की तैयारियों की समीक्षा की है।

डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर और साबुन रखना जरूरी

प्रधान सचिव संजय कुमार ने सरकारी माध्यमिक विद्यालयों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था और पढ़ाई की तैयारियों के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों से फीडबैक भी लिया और फिर स्कूलों के खुलने पर प्रत्येक दिन निरीक्षण करने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग के मुताबिक विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर व साबुन आदि की व्यवस्था सुनिश्चि‍त की गई है।

सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चों को फ्री में मिलेंगे दो मास्‍क

प्रधान सचिव के मुताबिक पहले से जारी गाइडलाइन में कोरोना प्रोटोकॉल के अन्य इंतजाम व बस से पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्था जरूरी है। वहीं स्कूलों में आने वाले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन कराने को कहा गया है। सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दो-दो निशुल्क मास्क दिए जाएंगे। इसे लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर उन्हें विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से दोगुने मास्क मुहैया कराए जा चुके हैं।

कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी करने पर होगी कार्रवाई

सभी प्रधानाध्‍यापकों को कोरोना प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। जबकि कॉलेज व कोचिंग संस्थानों के लिए गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेवारी जिलाधिकारियां पर होगी। यदि कोई शिकायत मिलती है तो डीएम के स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कोचिंग संस्थानों को खोलने के लिए कोविड-19 से रोकथाम को अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल का प्रस्ताव डीएम को सौंपना पहले से अनिवार्य किया जा चुका है।

सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक होंगे ये प्रावधान

कक्षा में एक विद्यार्थी जिस सीट पर बैठेगा उससे कम से कम छह फीट की दूरी पर दूसरे छात्र के बैठने की व्यवस्था आवश्यक है। एक सीट के बेंच-डेस्क पर भी छह फीट की दूरी जरूरी। शिक्षक के स्टाफ रूम, कार्यालय तथा रिसेप्शन कक्ष में भी छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था आवश्यक है। जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है वहां शैक्षणिक संस्थान दो पाली में चलेंगे।

माता-पिता की सहमति जरूरी होगी

शिक्षा विभाग ने बच्चे स्कूल आएं इसके लिए विद्यालय प्रशासन को अभिभावकों की सहमति लेना जरूरी कर दिया है। अगर बच्चा घर से ही पढऩा चाहता है तो उसकी भी मंजूरी देनी होगी। माता-पिता से बच्चों के स्वास्थ्य के संबध में स्वघोषणा पत्र लेना आवश्यक है। वहीं जो बस बच्चों को लाएंगी और ले जाएंगी, दो बार सैनिटाइज करना जरूरी होगा। बस पर चढ़ने के समय बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी होगी।

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