सारण एसपी ने चाचा-भतीजा हत्या मामले का किया उद्भेदन

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छपरा :-सारण जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के मोतीराजपुर गांव में बीते दिन देर संध्या अपराधियों के द्वारा अंधाधुंध फायरिंग कर चाचा-भतीजे के हत्याकांड मामले का सारण एसपी धुरत शायली सावलाराम के द्वारा उद्भेदन कर दिया गया है. पुलिस ने हत्या के 12 घंटे के अन्दर ही पिस्टल, बम, गोली समेत अन्य हथियारों के साथ हत्या में शामिल चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. एक अन्य अपराधी को ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़कर पीट-पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसकी इलाज के क्रम में सदर अस्पताल में मौत हो गई. मृतक गड़खा के परशुराम राय बताया जाता है. सारण एसपी ने गड़खा थाना परिसर में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मोतीराजपुर में पूर्व की विवाद को लेकर नरेंद्र सिंह और संजय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई तथा नित्यानंद सिंह जख्मी है. इस मामले में पुलिस ने गड़खा थाना क्षेत्र के गड़खा गांव के उपेंद्र भारती उर्फ बुलेट बाबा, राजनाथ शाह हकमा गांव के शिवपूजन महतो के पुत्र रोहित कुमार, जानकीनगर गांव के विजय महतो एवं मोतीराजपुर गांव के शौकत अली को गिरफ्तार कर लिया. इलाज के क्रम में गड़खा के परशुराम राय की मौत हो गई.

🔸चार बम बरामद

👉घटनास्थल से पुलिस ने दो देसी काटा चार जिंदा देसी बम तीन बोर्ड की 9 गोली एक खोखा , दो गोली का अग्रभाग बरामद किया.

🔸हत्या के पीछे पूर्व का विवाद

👉सारण एसपी ने बताया कि गांव के ही शौकत अली से मृतक संजय सिंह की पूर्व से विवाद चल रही थी इसमें अपराधियों द्वारा घर पर जा कर गोली मारी गई थी.

🔸तीन अपराधियों पर है पहले से केस

👉गिरफ्तार पांच अपराधियों में से तीन पर गड़खा समेत अन्य थानों में पहले से अपराध के मामले में शामिल होने की केस चल रही है. गड़खा गांव के उपेंद्र भारती उर्फ बुलेट बाबा,राजनाथ साह और परशुराम राय का पहले से आपराधिक पृष्ठभूमि रही हैं.

🔸घर से बाहर बुलाकर मारी गोली

👉परिजनों ने बताया कि सोमवार संध्या घर के सभी लोग बैठे थे तभी दो बाइक पर सवार 5 लोग आए और खुद को ठिकहा मरीचा के बात संजय सिंह को घर से बाहर बुलाया. पड़ोस की एक महिला की ठिकहा मरीचा में मायका हैं. उन लोगों को पहचान करने के लिए बाहर आई और उसने उन्हें नहीं पहचाना. जिसके बाद संजय सिंह वापस घर जाने लगे तभी अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी.गोली संजय सिंह को लगी बचाने आए चाचा नरेंद्र सिंह व नित्यानंद सिंह को भी गोली लगी.

🔸खुशियां हुई गम में तब्दील

👉नरेंद्र सिंह की पुत्री की शादी 30 नवंबर को होने वाली थी. जिसकी तैयारी घर में चल रही थी. घर मांगलिक गीतों से गूंज रहा था। परिजनों के अनुसार 26 नवंबर को तिलकोत्सव था और 30 नवंबर को विवाह समारोह होनी थी,परंतु घटना के बाद पूरा घर का माहौल गमगीन हो गया तो गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया.

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