सारण में अखबार विक्रेता के पुत्र की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया

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एकमा थाना क्षेत्र के एकारी गांव में शनिवार की रात एक युवक की हत्या कर उसके शव को नीम के पेड़ से लटका दिया गया। रविवार की सुबह शौच के लिए जा रहे लोगों ने एकारी गांव के काली मंदिर के समीप स्थित नीम के पेड़ से झूल रहे शव को देख शोर मचाया। मृतक की पहचान एकारी दुबे टोला निवासी व अखबार विक्रेता अरुण पांडेय के 18 वर्षीय पुत्र विशाल पांडेय के रूप में की गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एकमा थाना पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजवाया। विशाल पांडेय शनिवार की शाम लगभग आठ बजे धान की रोपनी के लिए मजदूरी तय करने के लिए अजा बस्ती जाने की बात कह कर निकला था। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो स्वजन उसकी तलाश में निकले। गांव में तलाश करने के साथ ही विशाल के दोस्तों से संपर्क किया गया। लेकिन उसका पता नहीं चला और अगले दिन रविवार की सुबह घर से लगभग 500 गज की दूरी पर पेड़ से लटका हुआ उसका शव मिला। समाचार प्रेषण तक मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई थी।

मृतक की मां ने पड़ोस के शराब धंधेबाज पर लगाया हत्या करने का आरोप

मृतक विशाल पांडेय की मां रंभा कुमारी ने प ड़ोस में देसी शराब का धंधा करने वाले धंधेबाज पर हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है। रंभा देवी का कहना है कि पड़ोसी देसी शराब का धंधा करता है। उसके यहां पुलिस ने छापेमारी की थी। जिसमें एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। धंधेबाज को शक था कि मृतक के पिता अखबार विक्रेता के काम को ले पुलिस वालों के संपर्क में रहते हैं और उनके ही इशारे पर यहां छापेमारी की गई । इसको लेकर दोनों परिवार के बीच तनाव कायम था। इस मामले में एकमा थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के रिपोर्ट मिलने के बाद ही तय होगा कि विशाल की मौत कैसे हुई। यदि उसकी हत्या की गई है दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।पुलिस सभी संभावित बिदुओं पर जांच कर रही है । मृतक के मोबाइल का कॉल डिटेल्स का भी खंगालने का प्रयास कर रही है ।

पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था विशाल

विशाल पांडेय होनहार युवक था। एकमा के अलख नारायण सिंह उवि से मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद फिलहाल वह प्रभुनाथ सिंह डिग्री कॉलेज में पार्ट टू का छात्र है। वह तीन भाइयों से सबसे बड़ा था। अखबार विक्रेता का कार्य कर परिवार चला रहे पिता अरुण पांडेय सहित अन्य स्वजन को उससे काफी उम्मीद थी। वह बिहार पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारी में मनोयोग से लगा। प्रतिदिन अल सुबह फिजीकल की तैयारी के लिए दौड़ लगाकर जंप आदि का प्रैक्टिस करता था। उसकी मौत ने अरुण पांडेय के परिवार को बड़ा झटका दिया है।

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