कोरोना से अब तक सुरक्षित जमुई जिला, खौफ़ में जी रहे लोग

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जमुई [सुशान्त साईं सुन्दरम] : एक तरफ जहाँ कोरोना धीरे-धीरे पांव पसारता हुआ बिहार के 38 में से 37 जिलों में पहुंच गया, वहीं भगवान महावीर की धरती जमुई अब तक इससे सुरक्षित है. बिहार-झारखंड की सीमा जमुई जिला प्रवासियों के लिए स्पॉट पॉइंट बन गया है. झारखंड एवं पश्चिम बंगाल से लाये जा रहे प्रवासियों को जमुई शहर स्थित श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम में उतारा जा रहा है जहां से उन्हें उनके संबंधित जिलों में भेजा जा रहा है.

जमुई जिला रेड जोन से घिरा हुआ है. बिहार में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित मुंगेर की सीमा भी जमुई से लगती है. याद दिला दें कि विगत 19 मार्च को मुंगेर के जमालपुर की महिला अपनी बेटी के घर लखीसराय से जमुई के गौरव अल्ट्रासाउंड जांच घर में अल्ट्रासाउंड कराने आई थी. बाद में उक्त महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई. ट्रेवल हिस्ट्री जमुई से जुड़ने के बाद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. आनन फानन में गौरव अल्ट्रासाउंड के सभी कर्मियों का कोरोना जांच करवाकर क्वारंटाइन किया गया. राहत की बात रही कि सभी के रिपोर्ट नेगेटिव आये.

वहीं 9 मई को बेगूसराय डीएम ने पत्र लिखकर जमुई डीएम को सूचना दी कि सूरत से बरौनी आये स्पेशल ट्रेन में बेगूसराय का एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया, उस व्यक्ति के साथ जमुई जिला के 15 व्यक्तियों ने भी सफर किया था. सूचना मिलते ही सभी के सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे गए, जिसका रिपोर्ट आना अभी बाकी है.

बता दें कि ग्रामीण इलाका होने और जागरूकता की कमी की वजह से जिला में लॉक डाउन के नियमों का अक्षरशः पालन नहीं हो रहा है. लोग भयाक्रांत तो हैं लेकिन स्थिति की भयावहता को नहीं समझ रहे. सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ लग रही है, बच्चे सुबह-शाम खेलने जा रहे हैं, मॉर्निंग वॉक, पूजा-पाठ का सिलसिला जारी है, ट्यूशन भी पढ़ाये जा रहे हैं. जबकि प्रशासन द्वारा नियमित माइकिंग कर लॉक डाउन के नियमों का पालन करने की आग्रह की जा रही है. प्रवासियों का भी धीरे-धीरे आगमन हो रहा है. प्रखंड स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर बनाये गए हैं. जमुई जिला कब तक सुरक्षित रहता है यह जिलावासियों के समझ पर निर्भर करेगा.

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