बताया जा रहा है कि मृतक बालमुकुंद मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और पिछले दो वर्षों से घर से ही शेयर बाजार का काम करते थे। उन्होंने अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ जहरीली दवा पीकर यह दर्दनाक कदम उठाया। सुसाइड नोट में इस आत्मघाती कदम के पीछे के गंभीर कारणों का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार, आरोपी वैभव रूंगटा ने मृतक की कार और क्रेडिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिए थे और उस क्रेडिट कार्ड से अनावश्यक खरीदारी भी की थी। इस तरह के मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से परेशान होकर परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया गया बताया जा रहा है।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
Source : rashtriya samachar
surat. gujrat सूरत. शहर के वेसु में हैप्पी एलिगेंस बिल्डिंग में रहने वाले बालमुकुंद परिवार के चार सदस्यों द्वारा सामूहिक आत्महत्या की कोशिश की ह़दय विदारक घटना सामने आई है। परिवार ने जहरीली दवा पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया, जिसमें पति-पत्नी और एक मासूम बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी की जान बच गई। पुलिस जांच के दौरान मौके से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें वैभव रुंगटा नाम के व्यक्ति द्वारा पैसों के लिए किए जा रहे कथित उत्पीड़न का जिक्र किया गया है।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब परिवार के सदस्यों की हालत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान पति-पत्नी और एक बेटी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी बेटी में हलचल पाई गई और उसे तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। फिलहाल उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। मृत बच्चियों की उम्र महज 5 से 7 वर्ष के बीच थी। मासूम जिंदगियों के यूं बुझ जाने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि मृतक बालमुकुंद मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और पिछले दो वर्षों से घर से ही शेयर बाजार का काम करते थे। उन्होंने अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ जहरीली दवा पीकर यह दर्दनाक कदम उठाया। सुसाइड नोट में इस आत्मघाती कदम के पीछे के गंभीर कारणों का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार, आरोपी वैभव रूंगटा ने मृतक की कार और क्रेडिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिए थे और उस क्रेडिट कार्ड से अनावश्यक खरीदारी भी की थी। इस तरह के मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से परेशान होकर परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया गया बताया जा रहा है। फिलहाल वेसु पुलिस ने वैभव रुंगटा को आरोपी मानकर मामला दर्ज कर लिया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
परिचित संजय अग्रवाल के अनुसार, उन्हें उनकी बेटी का दोपहर 4:11 बजे फोन आया था, जिसमें बताया गया कि बालमुकुंद जमीन पर गिरे हुए हैं, उठ नहीं रहे। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी को घर भेजा और खुद भी मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर देखा कि परिवार के सभी सदस्य जमीन पर थे और हालत बेहद गंभीर थी। एंबुलेंस बुलाकर सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन को मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक की बहन खुशी, जो सूचना मिलते ही पटना से सुबह की पहली फ्लाइट लेकर सूरत पहुंचीं, ने बताया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से सुसाइड नोट में वैभव रुंगटा का नाम होने की जानकारी मिली। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। वेसु पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, कॉल डिटेल्स और आर्थिक लेन-देन की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है—क्या आर्थिक दबाव और कथित मानसिक प्रताड़ना ने एक पूरे परिवार को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया?
Published at : 25 Feb 2026, 09:32 am (IST)
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