हालांकि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे ट्रैक बहाली का काम तेजी से कर रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस अवश्य जांच लें और रेलवे द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
By : Admin User | Updated at : 21 Jul 2026, 12:08 pm (IST)
दिल्ली मंडल के गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मंगलवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जब साहिबाबाद के पास एक मालगाड़ी के छह लदे हुए डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। यह दुर्घटना साहिबाबाद स्टेशन से नई दिल्ली की ओर लगभग एक किलोमीटर पहले हुई। हादसे के बाद देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी यात्री या रेलकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन रेल सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ा है।
हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM), अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM), इंजीनियरिंग विभाग और परिचालन शाखा के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। रेलवे की तकनीकी और इंजीनियरिंग टीमों ने बिना समय गंवाए ट्रैक बहाली और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता क्षतिग्रस्त ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त कर रेल संचालन सामान्य करना है।
उत्तर रेलवे ने बताया कि दुर्घटना मालगाड़ी के छह लोडेड वैगनों के पटरी से उतरने के कारण हुई। हादसे के कारण रेल लाइन पर परिचालन बाधित हो गया और कई ट्रेनों को रोकना या उनका मार्ग बदलना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने तत्काल कंट्रोल रूम सक्रिय करते हुए परिचालन व्यवस्था को संभालने के लिए वैकल्पिक योजना लागू की।
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस हादसे का असर कुल 53 ट्रेनों पर पड़ा है। इनमें 24 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित (डायवर्ट) किया गया है ताकि प्रभावित रेलखंड पर दबाव कम किया जा सके। इन ट्रेनों को दिल्ली और नई दिल्ली के बजाय वैकल्पिक रेल मार्गों से गंतव्य तक भेजा जा रहा है। रेलवे का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए लिया गया है।
इसके अलावा 16 यात्री ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इनमें गाजियाबाद-दिल्ली, दिल्ली-साहिबाबाद, साहिबाबाद-दिल्ली और नई दिल्ली-गाजियाबाद सेक्शन की कई लोकल, मेमू और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना नौकरी, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे ने 5 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द करने का भी फैसला लिया है। कुछ ट्रेनों का संचालन गाजियाबाद तक ही सीमित रखा गया, जबकि कुछ सेवाओं को बीच के स्टेशनों से शुरू या समाप्त किया गया। इस कारण यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने के लिए वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा।
वहीं आनंद विहार टर्मिनल की ओर जाने वाली 8 ट्रेनों को रेगुलेट किया गया है। इन ट्रेनों को नियंत्रित गति से और निर्धारित समय से देरी के साथ चलाया जा रहा है ताकि प्रभावित ट्रैक पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और अन्य ट्रेनों का संचालन भी सुरक्षित ढंग से जारी रखा जा सके।
हादसे के बाद साहिबाबाद, गाजियाबाद, नई दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई यात्री अपनी ट्रेन की जानकारी लेने के लिए पूछताछ केंद्रों पर पहुंचे, जबकि अनेक लोगों को घंटों तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को लगातार लाउडस्पीकर और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से ट्रेनों की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई।
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम आधुनिक क्रेन, हाइड्रोलिक मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की सहायता से पटरी से उतरे मालगाड़ी के डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की पूरी सुरक्षा जांच के बाद ही रेल संचालन सामान्य किया जाएगा। इसके लिए सिग्नलिंग सिस्टम, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन और रेल पटरियों का भी तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है।
उत्तर रेलवे ने कहा है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मालगाड़ी के डिब्बे किन परिस्थितियों में पटरी से उतरे और क्या इसमें तकनीकी खराबी, ट्रैक की स्थिति या किसी अन्य कारण की भूमिका रही। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस और ताजा परिचालन अपडेट अवश्य जांच लें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन के समय और मार्ग की जानकारी प्राप्त कर लें।
फिलहाल रेलवे की टीमें युद्धस्तर पर ट्रैक बहाली के कार्य में लगी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित रेलखंड को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। जब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक कई ट्रेनों का संचालन बदले हुए मार्गों से किया जाएगा। रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
Published at : 21 Jul 2026, 12:07 pm (IST)