मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में अब सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा और अलग-अलग धार्मिक कानूनों की व्यवस्था समाप्त होगी। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी को बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं का भी समर्थन मिला है। वहीं कांग्रेस ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की और इसे जल्दबाजी में लाया गया फैसला बताया।
By : Admin User | Updated at : 21 Jul 2026, 04:31 pm (IST)
मध्यप्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित हो गया। बिल पेश होते ही कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए इसे प्रवर समिति (Select Committee) के पास भेजने की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने विधेयक का जोरदार समर्थन किया। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब मध्यप्रदेश में सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा और धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानून नहीं चलेंगे। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी को 76% मुस्लिम महिलाओं और 40% मुस्लिम पुरुषों का समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसे जल्दबाजी में लाया गया है और इसे विस्तृत चर्चा के लिए प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून एक विशेष समुदाय को प्रभावित कर सकता है।
सरकार का कहना है कि ucc का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है, जबकि विपक्ष इस पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों से संवाद की मांग कर रहा है। विधेयक के पारित होने के साथ ही मध्यप्रदेश यूसीसी लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया।
Published at : 21 Jul 2026, 04:31 pm (IST)