मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों का 14 दिनों से जारी जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल रविवार तड़के पुलिस ने समाप्त करा दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल से हटाकर बसों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।
By : Admin User | Updated at : 19 Jul 2026, 11:48 am (IST)
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासी किसानों का 14 दिनों से जारी जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल रविवार तड़के समाप्त हो गया। सुबह-सुबह भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और धरनास्थल को खाली करा दिया। इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है।
उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन
जानकारी के मुताबिक, छतरपुर के ग्राम कुपी में वरान नदी के किनारे स्थित अंडर ब्रिज के नीचे आदिवासी किसान धरने पर बैठे थे। उनका आरोप था कि केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत अन्य विकास कार्यों के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन अब तक उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला। इसी मांग को लेकर किसान जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल कर रहे थे।
प्रशासन ने हटाया, गिरफ्तारी से किया इनकार
रविवार तड़के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल से हटाकर बसों के जरिए रवाना कर दिया। छतरपुर के एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदर्शनकारी को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रदर्शनकारी पन्ना जिले के रहने वाले थे, जिन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेजा गया।
अमित भटनागर को स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल भेजा गया
प्रशासन के अनुसार, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता अमित भटनागर लगातार 14 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है।
आंदोलनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं, आंदोलनकारियों की ओर से दिव्या अहिरवार ने वीडियो जारी कर दावा किया कि रविवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों और किसान नेता अमित भटनागर को जबरन हटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित भटनागर केन-बेतवा परियोजना में कथित 400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले थे, इसलिए प्रशासन ने आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त कराया।
दिव्या अहिरवार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और जिला प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि आंदोलनकारियों या अमित भटनागर को किसी तरह की क्षति पहुंचती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। हालांकि, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूरी कार्रवाई केवल सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य को ध्यान में रखकर की गई है।
Published at : 19 Jul 2026, 11:48 am (IST)