सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025 के दिन ठाकुरजी को भोग लगाने की सदियों पुरानी परंपरा टूट गई। हलवाइयों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण मंदिर में गरमा-गरमी का माहौल बन गया मंदिर में ठाकुर जी को प्रतिदिन चार भोग लगाए जाते हैं- सुबह श्रृंगार के बाद बालभोग, दोपहर में राजभोग, शाम को उत्थापन भोग और रात को शयन भोग। भक्तों ने मांग की है कि हलवाइयों का तुरंत भुगतान किया जाए ताकि आगे भी ठाकुरजी की सेवा में कोई रुकावट न आए।
Updated at : 07 Jan 2026 01:31 AM (IST)
Published at : 16 Dec 2025 11:59 PM (IST)
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