पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई के खिलाफ लाहौर में मजदूर संगठनों, रिक्शा चालकों और रेलवे कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पेट्रोल, बिजली और गैस की कीमतें कम करने तथा वेतन-पेंशन बढ़ाने की मांग की।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और जरूरी सेवाओं की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। लाहौर में मजदूर संगठनों, ऑटोरिक्शा चालकों और रेलवे कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीवन मुश्किल बना दिया है और यदि जल्द राहत नहीं दी गई तो आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेट्रोल, बिजली, गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उनका आरोप है कि सरकार की आर्थिक नीतियों का सबसे ज्यादा असर मेहनतकश वर्ग और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है, जिससे लोगों के लिए घर चलाना लगातार कठिन होता जा रहा है।
नेशनल रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष राना शमजाद ने हाल ही में पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का विरोध करते हुए कहा कि इसका सीधा असर लाखों रिक्शा चालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय पर पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ईंधन की कीमतों को पुराने स्तर पर लाया जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि एक तरफ कमाई सीमित है, जबकि दूसरी ओर पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे हालात में परिवार का खर्च चलाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल रिक्शा चालक मोहम्मद जमील ने कहा कि मेहनतकश लोग पूरे दिन काम करने के बावजूद कई बार पर्याप्त कमाई नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों, गैस, बिजली और घरेलू जरूरतों के खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
वहीं रेलवे कर्मचारी इनायत अली गुज्जर ने कहा कि महंगाई का असर केवल परिवहन क्षेत्र तक सीमित नहीं है। देश के लगभग सभी क्षेत्रों के कर्मचारी आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बढ़ती कीमतों ने लोगों की क्रय शक्ति को कमजोर कर दिया है और कई परिवार अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार से बिजली, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी करने के साथ-साथ कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी की मांग की। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में आय बढ़ाए बिना आम लोगों को राहत देना संभव नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा महंगाई से राहत की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मजदूर, परिवहन कर्मचारी और सरकारी क्षेत्र के कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो महंगाई के खिलाफ यह आंदोलन पाकिस्तान के अन्य शहरों तक भी फैलाया जाएगा। बढ़ते जनाक्रोश के बीच सरकार पर आर्थिक राहत देने का दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
Published at : 21 Jun 2026, 09:33 am (IST)
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