अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ तैयार किया गया समझौता अभी अंतिम रूप में नहीं है और यदि यह अमेरिका के हितों के अनुरूप नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प फिर से अपनाया जा सकता है। ट्रंप का यह बयान जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान आया, जिसे ईरान के लिए स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : Rashtriya samachar
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत और संभावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान से जुड़ा मौजूदा मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) अभी अंतिम रूप में नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के जरिए एक मजबूत समझौते का मसौदा तैयार किया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी है। यदि अंतिम समझौता अमेरिकी हितों के अनुरूप नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के रास्ते पर लौट सकता है।
ट्रंप ने कहा कि फिलहाल बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और कई पक्ष इस समझौते से संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि अंतिम डील उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी, तो सैन्य कार्रवाई और बमबारी का विकल्प मेज पर रहेगा।
उनके इस बयान को ईरान के लिए एक सीधी चेतावनी माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका ने कूटनीति के साथ-साथ दबाव की रणनीति भी जारी रखने के संकेत दिए हैं।
300 बिलियन डॉलर निवेश की खबरों को बताया झूठ
ईरान के साथ समझौते के तहत अमेरिका द्वारा 300 बिलियन डॉलर निवेश किए जाने की खबरों को भी ट्रंप ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्टें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका इस समझौते के हिस्से के रूप में किसी भी बड़े निवेश पैकेज पर विचार नहीं कर रहा है और उसका मुख्य फोकस सुरक्षा तथा रणनीतिक हितों की रक्षा करना है।
अमेरिका की दोहरी रणनीति
अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ हुई बैठक ने यह संकेत दिया है कि ईरान को लेकर अमेरिकी नीति अभी भी "डिप्लोमेसी और प्रेशर" यानी कूटनीति और दबाव के दोहरे फार्मूले पर आधारित है।
अमेरिका एक तरफ समझौते के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ सैन्य विकल्प को खुला रखकर अपनी ताकत का संदेश भी देना चाहता है।
डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान दर्शाता है कि ईरान के साथ संभावित समझौते पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। हालांकि बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यदि समझौता उसकी शर्तों और हितों के अनुरूप नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई का रास्ता फिर से अपनाया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में ईरान-अमेरिका संबंधों और वैश्विक राजनीति की दिशा पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
Published at : 17 Jun 2026, 11:58 am (IST)
Tags : PM Modi / Breaking News / India US Tariff / Donald Trump / NEWS UPDATE / #india news / #nationalnews / World News / #news today