दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘राइट टू बी फॉरगॉटन’ को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का हिस्सा माना है। फैसले के अनुसार यदि पुरानी ऑनलाइन जानकारी व्यक्ति की छवि या जीवन पर असर डालती है, तो उसे इंटरनेट से हटाया या ब्लॉक किया जा सकता है।
Updated at : 02 Jun 2026 03:06 PM (IST)
Source : Rashtriya samachar
Published at : 02 Jun 2026 03:06 PM (IST)
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