भारतीय रेलवे अपने चार दशक पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को आधुनिक तकनीक से बदलने जा रहा है। नए AI आधारित सिस्टम की मदद से यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय ही वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अधिक सटीक अनुमान मिलेगा। रेलवे का दावा है कि नई तकनीक से यह सटीकता 94% तक पहुंच गई है। इसके साथ ही RailOne एप को भी ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : Rashtriya Samachar
भारतीय रेलवे अब अपने रिजर्वेशन सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। करीब 40 साल से इस्तेमाल हो रहे पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को हटाकर एक नया हाईटेक और AI आधारित सिस्टम लाया जा रहा है। रेलवे का मानना है कि इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज, स्मार्ट और भरोसेमंद बनेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में अगस्त से ट्रेनों को नए सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि इस बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए।
रेलवे का मौजूदा PRS सिस्टम साल 1986 में शुरू किया गया था। समय के साथ इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब बढ़ती डिजिटल मांग और करोड़ों यात्रियों के दबाव को देखते हुए इसे पूरी तरह आधुनिक तकनीक के अनुसार तैयार किया जा रहा है।
नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत AI आधारित वेटिंग लिस्ट प्रिडिक्शन फीचर होगा। अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय ही यह अनुमान मिल सकेगा कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। रेलवे के अनुसार पहले यह अनुमान लगभग 53% तक सही साबित होता था, लेकिन नए AI मॉडल के जरिए इसकी सटीकता 94% तक पहुंच गई है।
रेलवे का नया RailOne एप भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले साल लॉन्च हुए इस एप को अब तक करोड़ों लोग डाउनलोड कर चुके हैं। यह एप केवल टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को लाइव ट्रेन स्टेटस, प्लेटफॉर्म नंबर, कोच पोजीशन, टिकट कैंसिलेशन, रिफंड और रेल मदद जैसी कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराता है।
इसके अलावा यात्री इसी एप के जरिए सफर के दौरान अपनी सीट पर खाना भी मंगवा सकते हैं। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म देना है जहां यात्रा से जुड़ी लगभग हर सुविधा एक ही एप में मिल सके। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल टिकट बुकिंग का करीब 88% हिस्सा अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रहा है। यही वजह है कि रेलवे अपनी डिजिटल सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दे रहा है।
RailOne एप के जरिए हर दिन लाखों टिकट बुक किए जा रहे हैं। इनमें रिजर्व्ड टिकटों के साथ-साथ जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट भी शामिल हैं। रेलवे को उम्मीद है कि नया सिस्टम लागू होने के बाद टिकट बुकिंग में होने वाली तकनीकी परेशानियां और सर्वर संबंधी दिक्कतें काफी हद तक कम हो जाएंगी।इसके साथ ही रेलवे ने यह भी जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2024-25 में यात्रियों को टिकट किराए पर हजारों करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। औसतन हर यात्री को किराए में लगभग 43% तक की राहत मिल रही है।
नई तकनीक और AI आधारित सुविधाओं के जरिए भारतीय Railway आने वाले समय में यात्रा अनुभव को ज्यादा स्मार्ट, तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।
Published at : 08 May 2026, 07:24 am (IST)
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