राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत की एकता को भाषा, धर्म या क्षेत्रीय पहचान से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से देखना होगा। आज जरूरत है कि हम अच्छा दर्पण देखें, वह जो हमें एक दिखाए। उन्होंने कहा कि जो हम घर का कमरा छोड़कर आए हैं, एक दिन उसे वापस लेकर फिर से डेरा डालना है। जो हमारा हक है, उसे हम वापस लेंगे, क्योंकि वह हमारा ही है।
@rashtriyasamacharbharat
Updated at : 05 Oct 2025 05:47 PM (IST)
Published at : 05 Oct 2025 05:47 PM (IST)
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