भारत में चीन के नए डिफेंस अटैची रियर एडमिरल यू जियान ने केरल तट पर 12 चीनी नाविकों की जान बचाने के लिए भारतीय सेना का आभार जताया। उन्होंने भारत-चीन संबंधों में सुधार और सैन्य सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।
By : Admin User | Updated at : 22 Jul 2026, 12:17 pm (IST)
भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय बाद एक सकारात्मक संदेश देखने को मिला है। भारत में चीन के नए डिफेंस अटैची रियर एडमिरल यू जियान ने भारतीय सेना की खुले मंच से सराहना करते हुए कहा कि पिछले वर्ष केरल तट के पास आग और विस्फोट की चपेट में आए एक कार्गो जहाज से 12 चीनी नाविकों की जान बचाने के लिए चीन हमेशा भारत का आभारी रहेगा।
रियर एडमिरल यू जियान ने यह बात चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि भारत और चीन केवल पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि दो बड़ी एशियाई शक्तियां हैं, जिनके साझा हित आपसी मतभेदों से कहीं अधिक बड़े हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में केरल तट के पास एक मालवाहक जहाज में भीषण आग और विस्फोट हुआ था। उस समय भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और अन्य बचाव एजेंसियों ने तत्काल अभियान चलाकर 12 चीनी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया। यू जियान ने कहा कि यह मानवीय सहायता चीन कभी नहीं भूलेगा।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय और चीनी सेनाओं ने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है और दोनों देशों के सैनिकों ने अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए कई बलिदान दिए हैं।
भारत-चीन संबंधों पर बोलते हुए यू जियान ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में रिश्ते फिर से सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग और मजबूत होगा।
चीनी डिफेंस अटैची ने कहा कि चीन भारत के साथ राजनयिक और सैन्य स्तर पर लगातार संवाद बनाए रखना चाहता है। उनका कहना था कि बातचीत के जरिए दोनों देश आपसी विश्वास बढ़ा सकते हैं, सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं और दोनों देशों की जनता के हित में मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में भारत-चीन संबंधों में निरंतर सुधार और सकारात्मक प्रगति की कामना की।
हाल के महीनों में भारत और चीन के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकातों के बाद कई स्तरों पर बातचीत तेज हुई है। सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों के बावजूद नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संवाद जारी है और दोनों पक्ष संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में चीनी डिफेंस अटैची द्वारा भारतीय सेना की सार्वजनिक सराहना को दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
Published at : 22 Jul 2026, 12:17 pm (IST)