CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने केंद्र सरकार से NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। उनकी पार्टी टीवीके ने छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव का हवाला देते हुए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। साथ ही राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई की भी आलोचना की।
By : Admin User | Updated at : 22 Jul 2026, 11:36 am (IST)
NEET-UG परीक्षा को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर यह मुद्दा गरमा गया है। अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय थलापति की पार्टी ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को पूरी तरह समाप्त करने की मांग करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। पार्टी का कहना है कि वह केवल पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ियों का विरोध नहीं कर रही, बल्कि मौजूदा NEET व्यवस्था को ही खत्म करने के पक्ष में है।
TVK ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मेडिकल शिक्षा और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अधिकार राज्यों के पास होने चाहिए। पार्टी का मानना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राज्यों को अधिक स्वायत्तता मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया तय कर सकें। इसी को लेकर पार्टी ने मांग उठाई कि शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर राज्य सूची (State List) में शामिल किया जाए। यदि फिलहाल यह संभव नहीं हो सकता, तो केंद्र सरकार एक विशेष समवर्ती व्यवस्था तैयार करे, जिससे राज्यों को मेडिकल शिक्षा और प्रवेश संबंधी फैसले लेने के अधिक अधिकार मिल सकें।
NEET को पूरी तरह खत्म करने की मांग
दिल्ली में जारी CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच विजय थलापति ने भी NEET परीक्षा पर अपनी राय रखते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था लाखों छात्रों के लिए मानसिक और शैक्षणिक दबाव का कारण बन रही है। उनका कहना है कि हर साल परीक्षा से जुड़े विवाद, अनिश्चितता और लगातार बदलती परिस्थितियों के कारण छात्रों और उनके परिवारों को भारी तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केंद्र सरकार को NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी की हिरासत पर जताई नाराजगी
TVK ने दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का मूल अधिकार है और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ की गई कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।
Published at : 22 Jul 2026, 11:36 am (IST)
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