वलसाड ज़िले के कपराड़ा तहसील में स्थित मौरागीन डोंगर मावली माता की पूजा आदिवासी संस्कृति की अत्यंत प्राचीन और विशिष्ट परंपरा है। दीपावली के अवसर पर आयोजित यह पूजा हर पाँच वर्ष में केवल एक बार भव्य रूप से मनाई जाती है। गाँव के प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सदस्य 7 दिन तक जंगल में वास करता है। इन सात दिनों के दौरान वे गाँव से दूर रहकर मावली माता की आराधना करते हैं और कठोर नियमों का पालन करते हैं।
वलसाड ज़िले के कपराड़ा तहसील में स्थित मौरागीन डोंगर मावली माता की पूजा करते आदिवासी समाज के लोग।
Updated at : 01 Oct 2025 12:01 PM (IST)
Source : जगदीश बोंगे
Published at : 30 Sep 2025 02:06 PM (IST)
Tags : MaurageenDongarMavliMata / tribalculture
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