BREAKING NEWS

से मिले CJP नेता, सौरभ दास बोले- 'मंत्री ने हमारी मांगों पर बातचीत का भरोसा दिया'

'जहां तर्क और तथ्य हों, वहां शोर-शराबे की जरूरत नहीं',संसद में सार्थक चर्चा की अपील

संसद मार्च से पहले हाई अलर्ट; CJP को अनुमति नहीं,संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी जुटे

जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, फाइनल में अकाने यामागुची को हराया

14 दिन से चल रहे जल सत्याग्रह को पुलिस ने खत्म कराया, धरनास्थल से हटाए गए किसान

वस्त्राल स्थित पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 लोगों की दर्दनाक मौत; 15 घायल

भूख हड़ताल के दौरान अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही, मची अफरा-तफरी

श्रीहरिकोटा से पहले प्राइवेट रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल लॉन्चिंग स्काईरूट एयरोस्पेस

सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती,20 दिन की भूख हड़ताल के बाद

ईरान समर्थित इराकी संगठन की धमकी से बढ़ा तनाव

कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस

Instamart और HPCL की नई सर्विस लॉन्च, जानिए कैसे करें ऑर्डर

₹400 करोड़ की नई Startup Policy को मंजूरी, युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

जून में ट्रांजैक्शन वैल्यू घटी, फिर भी डिजिटल पेमेंट ने बनाया नया रिकॉर्ड

ओडिशा से पुणे जा रही लॉरी से 237 किलो बरामद; 2 तस्कर गिरफ्तार

सतीश गोलचा हटे, अनुराग कुमार बने नए पुलिस कमिश्नर

संसद में मोदी सरकार का बड़ा विधायी एजेंडा, 5 नए बिल समेत 7 अहम प्रस्तावों पर रहेगी नजर

हाइड्रोजन हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, जानिए बिना धुएं और बिना तार के कैसे दौड़ती है यह ट्रेन, प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

में BIMSTEC सुरक्षा बैठक, NSA अजीत डोभाल बोले- साझा चुनौतियों से मिलकर निपटना होगा

BREAKING NEWS

से मिले CJP नेता, सौरभ दास बोले- 'मंत्री ने हमारी मांगों पर बातचीत का भरोसा दिया'

'जहां तर्क और तथ्य हों, वहां शोर-शराबे की जरूरत नहीं',संसद में सार्थक चर्चा की अपील

संसद मार्च से पहले हाई अलर्ट; CJP को अनुमति नहीं,संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी जुटे

जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, फाइनल में अकाने यामागुची को हराया

14 दिन से चल रहे जल सत्याग्रह को पुलिस ने खत्म कराया, धरनास्थल से हटाए गए किसान

वस्त्राल स्थित पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 लोगों की दर्दनाक मौत; 15 घायल

भूख हड़ताल के दौरान अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही, मची अफरा-तफरी

श्रीहरिकोटा से पहले प्राइवेट रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल लॉन्चिंग स्काईरूट एयरोस्पेस

सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती,20 दिन की भूख हड़ताल के बाद

ईरान समर्थित इराकी संगठन की धमकी से बढ़ा तनाव

कोई अनहोनी नहीं चाहते, पहले मेडिकल रिपोर्ट लाएं अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और DCGI को जारी किया नोटिस

Instamart और HPCL की नई सर्विस लॉन्च, जानिए कैसे करें ऑर्डर

₹400 करोड़ की नई Startup Policy को मंजूरी, युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

जून में ट्रांजैक्शन वैल्यू घटी, फिर भी डिजिटल पेमेंट ने बनाया नया रिकॉर्ड

ओडिशा से पुणे जा रही लॉरी से 237 किलो बरामद; 2 तस्कर गिरफ्तार

सतीश गोलचा हटे, अनुराग कुमार बने नए पुलिस कमिश्नर

संसद में मोदी सरकार का बड़ा विधायी एजेंडा, 5 नए बिल समेत 7 अहम प्रस्तावों पर रहेगी नजर

हाइड्रोजन हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, जानिए बिना धुएं और बिना तार के कैसे दौड़ती है यह ट्रेन, प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

में BIMSTEC सुरक्षा बैठक, NSA अजीत डोभाल बोले- साझा चुनौतियों से मिलकर निपटना होगा

होम / राष्ट्रीय / पद्म भूषण से सम्मानित संविधान विशेषज्ञ.... डॉ.सुभाष कश्यप का निधन, 97 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
पद्म भूषण से सम्मानित संविधान विशेषज्ञ.... डॉ.सुभाष कश्यप का निधन, 97 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
लोकसभा के पूर्व महासचिव और संवैधानिक मामलों के प्रख्यात विद्वान रहे डॉ. कश्यप, प्रधानमंत्री मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जताया शोक

पद्म भूषण से सम्मानित और देश के प्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सी. कश्यप का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पद्म भूषण से सम्मानित संविधान विशेषज्ञ....डॉ.सुभाष कश्यप का निधन, 97 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)

Source : Rashtriya Samachar

नई दिल्ली। देश के प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, पद्म भूषण से सम्मानित विद्वान और लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से देश के राजनीतिक, संसदीय और संवैधानिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

बताया गया है कि डॉ. कश्यप ने गुरुवार सुबह दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। भारतीय संविधान, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी गहरी पकड़ के कारण उन्हें देश के सबसे सम्मानित संवैधानिक विशेषज्ञों में गिना जाता था।

01

PM मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक संदेश जारी करते हुए लिखा कि डॉ. सुभाष कश्यप भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे। उन्होंने कहा कि संसदीय और संवैधानिक विमर्श में उनका योगदान देश के लिए अमूल्य रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए उनका लेखन और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।

Screenshot 2026 06 05 111249

ओम बिरला बोले- संविधान के जीवंत विश्वकोश थे

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी डॉ. कश्यप के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. सुभाष कश्यप भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था के जीवंत विश्वकोश थे। संवैधानिक विषयों पर उनका गहन अध्ययन, लोकसभा के महासचिव के रूप में उनकी सेवाएं और उनकी 100 से अधिक पुस्तकों ने देश की कई पीढ़ियों को मार्गदर्शन दिया है।
बिरला ने कहा कि संसद, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की समझ को आम लोगों तक पहुंचाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने उनके निधन को भारतीय संसदीय लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

Screenshot 2026 06 05 111302

37 वर्षों तक संसद से जुड़े रहे

10 मई 1929 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर में जन्मे डॉ. कश्यप स्वतंत्रता सेनानी परिवार से संबंध रखते थे। उन्होंने 1953 में संसद सचिवालय के साथ अपने करियर की शुरुआत की और करीब 37 वर्षों तक संसद की सेवा की। वर्ष 1984 से 1990 तक वे सातवीं, आठवीं और नौवीं लोकसभा के महासचिव रहे।

संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने, संसदीय सुधारों और संवैधानिक समीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय संविधान और संसदीय लोकतंत्र पर 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जो आज भी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ मानी जाती हैं।

2015 में मिला था पद्म भूषण

देश और समाज के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया था। डॉ. सुभाष कश्यप का निधन भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक विमर्श के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनकी विद्वता और विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।