FBI के खुलासे के बाद पंजाब पुलिस ने तांडा के पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया। उन पर अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के परिवार से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने और गैंगस्टरों से कथित संबंध रखने के आरोप हैं।
By : Admin User | Updated at : 18 Jul 2026, 05:36 pm (IST)
पंजाब पुलिस ने अपने ही एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तांडा के पूर्व थाना प्रभारी (SHO) गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी जांच एजेंसी FBI द्वारा किए गए सनसनीखेज खुलासे और विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों के बाद की गई है।
आरोप है कि गुरिंदरजीत सिंह नागरा एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय रंगदारी नेटवर्क का हिस्सा थे, जो अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के परिवारों को धमकाकर करोड़ों रुपये की वसूली करने की साजिश में शामिल था। FBI के मुताबिक, इस नेटवर्क का संबंध कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और उसके सहयोगियों से भी जुड़ा हुआ है।
FBI के ऑपरेशन 'हार्ड बॉल' में सामने आया नाम
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने अपने विशेष अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के दौरान अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की थी। इसी जांच में गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम कथित तौर पर रंगदारी मांगने वाले नेटवर्क से जुड़ा पाया गया।
FBI का दावा है कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक परिवार से करीब 4 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 3.4 से 4 करोड़ रुपये) की रंगदारी मांगने की कोशिश की गई थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस पूरे नेटवर्क में गैंगस्टरों के साथ कुछ स्थानीय सहयोगियों की भी भूमिका थी, जिनमें पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम शामिल है।
पहले हटाया गया, फिर हुई गिरफ्तारी
FBI की रिपोर्ट सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने सबसे पहले नागरा को SHO के पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया था। इसके बाद जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला की निगरानी में विभागीय जांच शुरू की गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन (रंगदारी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद शुक्रवार देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
4 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि इंस्पेक्टर नागरा ने अमेरिका के लॉस एंजेल्स में रहने वाले एक परिवार को झूठे हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर 4 लाख रुपये की रिश्वत भी ली थी। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस ने सभी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए हैं।
गैंगस्टरों और पुलिसकर्मियों की जांच
FBI का दावा है कि इस मामले में गैंगस्टरों और कुछ पुलिस अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़ था, जिसके जरिए विदेशों में रहने वाले लोगों को धमकाकर रंगदारी वसूली जाती थी। इसी ऑपरेशन के दौरान FBI ने पहले गैंगस्टर नीतीश कौशल को भी गिरफ्तार किया था, जिसे अमेरिका की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया था।
Published at : 18 Jul 2026, 05:36 pm (IST)