जून 2026 में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय बंदरगाहों पर बड़ी संख्या में रूसी तेल टैंकर पहुंचे हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : Rashtriya samachar
भारत और रूस के बीच ऊर्जा व्यापार लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून 2026 में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच सकता है। भारतीय बंदरगाहों पर बड़ी संख्या में रूसी तेल टैंकरों की मौजूदगी ने इस संभावना को और मजबूत किया है। एनर्जी कैपिटल मैनेजमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री अनस अलहाजी के अनुसार, जून के दौरान भारतीय बंदरगाहों पर जितने रूसी कच्चे तेल से भरे टैंकर दिखाई दिए हैं, उतने पहले कभी नहीं देखे गए। उनका मानना है कि यदि जून में भारत का रूसी तेल आयात नया रिकॉर्ड बनाता है तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। वैश्विक बाजार में उपलब्ध रियायती रूसी कच्चे तेल ने भारतीय रिफाइनरियों के लिए आयात को आकर्षक बनाए रखा है।
मई में भी भारत रहा बड़ा खरीदार
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में भारत रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अनुमानित 6.7 अरब डॉलर मूल्य के रूसी हाइड्रोकार्बन का आयात किया।
भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ाई खरीद
देश की कई प्रमुख रिफाइनरियों ने हाल के महीनों में रूसी कच्चे तेल की खरीद में वृद्धि की है।
गुजरात की वडीनार रिफाइनरी में रूसी तेल की आपूर्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में भी आयात बढ़ा।
न्यू मैंगलोर, विशाखापत्तनम और पारादीप रिफाइनरियों ने भी रूसी कच्चे तेल की खरीद में इजाफा किया है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम साझेदारी
यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में बड़े बदलाव आए हैं। पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस ने एशियाई बाजारों, विशेषकर भारत और चीन, को रियायती दरों पर तेल की आपूर्ति बढ़ाई है। भारत के लिए यह आयात ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और घरेलू ईंधन लागत को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वैश्विक बाजार की नजर भारत पर
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो जून का आयात पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकता है। हालांकि अंतिम आंकड़े आधिकारिक व्यापार डेटा जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। ऊर्जा बाजार की आगे की दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय मांग पर भी निर्भर करेगी।
Published at : 30 Jun 2026, 07:01 am (IST)
Tags : NEWS UPDATE / Population / #india news / #nationalnews / #news today