पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रातीबड़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर, जो रीवा जिले के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्हें 15 हजार रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर भोपाल स्थित मेंदोरी गांव के आवास पर काम के लिए बुलाया गया था। उनका आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही समय बाद खाने की गुणवत्ता को लेकर उनसे गाली-गलौज की गई और मानसिक दबाव बनाया गया।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने नौकरी छोड़कर वापस रीवा जाने की इच्छा जताई, तो उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और उन्हें जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया। खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक कमरे में बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि शशांक सिंह, उनके पिता और ड्राइवर ने कमरे का दरवाजा खोलकर उनके साथ मारपीट की।
पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रातीबड़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इनमें गाली-गलौज, मारपीट और साझा आपराधिक दायित्व से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। इस मामले में शशांक सिंह, शैलेश सिंह या उनके परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
Published at : 30 Jun 2026, 05:51 am (IST)
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