आसाराम केस में राजस्थान हाईकोर्ट का अहम फैसला: गैंगरेप आरोपों में राहत मिली, लेकिन नाबालिग यौन शोषण मामले में उम्रकैद बरकरार रही। कोर्ट ने तत्काल सरेंडर का आदेश भी दिया। जानें पूरा अपडेट।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)
Source : Rashtriya Samachar
आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। हालांकि गैंगरेप से जुड़े आरोपों को कोर्ट ने हटाते हुए कुछ धाराओं में राहत दी है। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया है। फिलहाल आसाराम पैरोल और अंतरिम जमानत के आधार पर बाहर थे, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद अब उन्हें दोबारा जेल जाना होगा।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर गैंगरेप के आरोप साबित नहीं होते, इसलिए उन्हें हटाया जाता है। लेकिन यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर आरोपों में दोषसिद्धि सही पाई गई, जिसके आधार पर उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई। इस मामले में सह-आरोपी शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता और शरतचंद को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
यह मामला साल 2013 का है, जब उत्तर प्रदेश की एक नाबालिग छात्रा ने आरोप लगाया था कि जोधपुर स्थित आसाराम के आश्रम में उसके साथ यौन शोषण हुआ। इसके बाद मामला देशभर में सुर्खियों में आ गया था। जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की गई थी, जिस पर अब हाईकोर्ट ने यह अहम निर्णय सुनाया है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि गैंगरेप और मानव तस्करी के आरोप साबित नहीं होते, जबकि अभियोजन पक्ष ने कहा कि पीड़िता के बयान और सबूत आरोपी के खिलाफ पर्याप्त हैं। फैसले के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, क्योंकि मामला संवेदनशील था।
गौरतलब है कि आसाराम पहले से ही अन्य मामलों में भी सजा काट रहा है। गुजरात के गांधीनगर कोर्ट ने 2023 में एक अन्य दुष्कर्म मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी और उसे आदतन अपराधी करार दिया था। अब इस नए फैसले के बाद आसाराम को तुरंत सरेंडर करना होगा और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले में आगे सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना भी जताई जा रही है।
Published at : 27 May 2026, 06:07 am (IST)
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