CJP का यह आंदोलन NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
By : Admin User | Updated at : 14 Jul 2026, 04:01 pm (IST)
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा सीजेपी का प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस आंदोलन में शामिल शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शन को 24 दिन पूरे हो चुके हैं और लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ने लगा है।
आयोजकों के मुताबिक, सोनम वांगचुक का वजन अब तक 8.2 किलोग्राम कम हो चुका है। उनकी हालिया स्वास्थ्य जांच में ब्लड प्रेशर 107/70 और ब्लड शुगर का स्तर 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर दर्ज किया गया है। वहीं, आंदोलन में शामिल एक अन्य कार्यकर्ता दीपक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक हस्तियों ने चिंता जताई है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही और वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वांगचुक देश की एक महत्वपूर्ण शख्सियत हैं और संघर्ष के लिए अन्य रास्ते भी अपनाए जा सकते हैं।
केजरीवाल ने सीजेपी की मांगों का समर्थन करते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। इससे पहले आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी भी जंतर मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात कर चुकी हैं।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए आंदोलन का तरीका बदलने की अपील की है।
लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और अर्थशास्त्री जयति घोष समेत कई प्रमुख लोगों ने संयुक्त बयान जारी कर प्रदर्शनकारियों से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन लंबा चल सकता है और इसके लिए प्रदर्शनकारियों का स्वस्थ रहना जरूरी है।
सीजेपी का यह आंदोलन NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। अब सभी की नजरें आगे की रणनीति और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर टिकी हुई हैं।
Published at : 14 Jul 2026, 04:01 pm (IST)