पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हजारों लोग अधिकारों, महंगाई और कथित दमन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। मुजफ्फराबाद मार्च से पहले सुरक्षा बलों की कार्रवाई, गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।
By : Admin User | Updated at : 15 Jul 2026, 10:07 am (IST)
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। मुजफ्फराबाद में आज होने वाले बड़े जन मार्च को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मार्च ऐसे समय में हो रहा है जब स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार एक दिन पहले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। इन रिपोर्टों में कम से कम 8 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने का दावा किया गया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है। इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है तथा सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रशासन इस मार्च को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं। संगठन ने प्रशासन के सामने 38 सूत्री मांग-पत्र रखा है आंदोलन की शुरुआत महंगाई, बिजली और गेहूं की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी तथा बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों से हुई थी, लेकिन समय के साथ यह कथित प्रशासनिक दमन और अधिकारों की मांग का बड़ा आंदोलन बन गया है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट, मुजफ्फराबाद, बाग, कोटली, मीरपुर, हट्टियां बाला और सुधानोटी सहित कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। आरोप है कि कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले दागे गए, सड़कों को सील किया गया और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। इंटरनेट सेवाओं पर रोक, प्रमुख मार्गों की नाकेबंदी और कर्फ्यू जैसे प्रतिबंधों की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मुजफ्फराबाद का यह जन मार्च आंदोलन का निर्णायक चरण माना जा रहा है। एक ओर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग दिखाई दे रहे हैं। लगातार हो रही गिरफ्तारियों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बढ़ते विरोध के बीच PoK की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच हालात किस दिशा में जाते हैं, यह पूरे क्षेत्र की राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Published at : 15 Jul 2026, 10:07 am (IST)
Tags : #IndiaPakistanTension #RajnathSingh #KolkataThreat #KhawajaAsif #BengalPolitics