हैकिंग और साइबर सुरक्षा में इंसानों से बेहतर प्रदर्शन करने वाले इस AI को लेकर CIA ने इसे 'डिजिटल परमाणु हथियार' जैसी क्षमता वाला बताया
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
वॉशिंगटन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी प्रशासन ने Anthropic के सबसे उन्नत AI मॉडल पर लगाया गया निर्यात प्रतिबंध हटा दिया है। इसके साथ ही कंपनी जल्द अपने अत्याधुनिक AI मॉडल Fable 5 और Mythos 5 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोबारा उपलब्ध कराएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब इन AI मॉडल की साइबर सुरक्षा और हैकिंग क्षमताओं को लेकर दुनिया भर में गंभीर बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक जहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना सकती है, वहीं गलत हाथों में पहुंचने पर बड़े साइबर खतरे भी पैदा कर सकती है।
क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?
अमेरिकी सरकार ने 12 जून को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इन AI मॉडल के अंतरराष्ट्रीय उपयोग पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना था कि सुरक्षा नियंत्रण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं में सुधार की जरूरत है और बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के इन मॉडल का व्यापक इस्तेमाल जोखिम पैदा कर सकता है। प्रतिबंध के बाद Anthropic ने सरकार के साथ मिलकर आवश्यक सुरक्षा सुधार किए। कंपनी का दावा है कि अब जोखिम कम करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जा चुके हैं।
Anthropic का क्या कहना है?
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने Fable 5 और Mythos 5 के निर्यात पर लगी रोक हटाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद इन मॉडल की वैश्विक उपलब्धता चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएगी।
हैकिंग में इंसानों से भी आगे?
Anthropic के अनुसार टेस्टिंग के दौरान उसके एडवांस AI मॉडल ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी कई जटिल कमजोरियों की पहचान की। कंपनी का दावा है कि यह AI पुराने कंप्यूटर सिस्टम और आधुनिक सॉफ्टवेयर में मौजूद गंभीर सुरक्षा खामियों को बेहद तेज़ी से खोज सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक AI ने कई ऐसी कमजोरियां भी चिन्हित कीं जो वर्षों से सिस्टम में मौजूद थीं लेकिन अब तक सामने नहीं आई थीं। यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे साइबर सुरक्षा के लिए जितना उपयोगी मानते हैं, उतना ही संभावित खतरा भी बताते हैं।
CIA ने क्यों कहा 'डिजिटल परमाणु हथियार'?
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने हाल ही में इन अत्याधुनिक AI मॉडल की तुलना "डिजिटल परमाणु हथियार" से की थी। उनका कहना था कि भविष्य में AI की क्षमताएं राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक ढांचे और वैश्विक साइबर संतुलन को सीधे प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग और सख्त नियमन भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बनने वाला है।
OpenAI ने भी अपनाई सावधानी
AI सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनी OpenAI ने भी अपने नए हाई-एंड मॉडल की पहुंच फिलहाल सीमित रखी है। कंपनी का कहना है कि अत्यधिक शक्तिशाली AI मॉडल को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने से पहले पर्याप्त सुरक्षा परीक्षण और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन जरूरी है।
AI की नई दौड़, नई चुनौतियां
दुनिया भर में AI तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। जहां एक ओर यह साइबर सुरक्षा, रिसर्च और ऑटोमेशन में नई संभावनाएं खोल रही है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग, साइबर हमलों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सरकारें और विशेषज्ञ लगातार सतर्क हैं। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाने का फैसला AI उद्योग के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर बहस भी पहले से अधिक तेज हो गई है।
Published at : 01 Jul 2026, 10:21 am (IST)
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