दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, बैंक कार्ड, सिम कार्ड और कई अहम सबूत बरामद हुए हैं।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
दिल्ली पुलिस की साइबर साउथ यूनिट ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को मुंबई ATS, IPS और CBI का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
पूरे मामले की शुरुआत एक महिला की शिकायत से हुई, जिसने बताया कि साइबर ठगों ने उसे वीडियो कॉल पर कथित जांच का हवाला देकर घंटों तक अपने नियंत्रण में रखा और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ₹7.22 लाख RTGS के जरिए ट्रांसफर करवा लिए।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले, जिससे पता चला कि ठगी की रकम पश्चिम बंगाल के कई बैंक खातों के जरिए इधर-उधर भेजी गई थी। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने साउथ 24 परगना और हावड़ा में छापेमारी कर समीरन रॉय, प्रिंस शॉ और समर चटर्जी को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 18 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 15 सिम कार्ड के अलावा कई बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के तार देश से बाहर सक्रिय साइबर अपराधियों से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने और अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है।
Published at : 01 Jul 2026, 09:28 am (IST)
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