भारत ने कूटनीति, शांति, होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री आवाजाही और क्षेत्रीय स्थिरता पर अपना स्पष्ट रुख दोहराया।बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी जानकारी साझा की।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:31 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में लगातार बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, हालिया घटनाक्रम और भविष्य की कूटनीतिक दिशा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों और हाल की प्रगति से प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में हुई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान केवल संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से ही संभव है।
शांति और स्थिरता पर भारत का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता पूरी दुनिया के हित में है। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निर्बाध सुरक्षा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वह हर ऐसे प्रयास का समर्थन करता है जो तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़े।
PM मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि ईरान के राष्ट्रपति के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर सार्थक चर्चा हुई और क्षेत्र में जारी कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि निरंतर संवाद से स्थायी शांति स्थापित होगी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग सुरक्षित बने रहेंगे।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी नजर
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में उच्चस्तरीय वार्ता के अगले दौर की तैयारियां भी जारी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों पक्ष फिलहाल सैन्य गतिविधियों को सीमित रखने और बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं। आगामी वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, समुद्री व्यापार, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
संघर्ष के बीच भी जारी रहा भारत-ईरान संवाद
हाल के क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क लगातार बना रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच इससे पहले भी कई बार बातचीत हो चुकी है। वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी लगातार संपर्क में रहे। दोनों देशों ने BRICS समेत विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जारी रखा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्रीय संकट के बावजूद भारत और ईरान के संबंधों में संवाद और सहयोग की प्रक्रिया निरंतर बनी हुई है।
भारत की प्राथमिकता—संवाद, शांति और सुरक्षित व्यापार
भारत का मानना है कि पश्चिम एशिया में स्थिरता केवल क्षेत्रीय देशों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में भारत लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील करता रहा है।
Published at : 01 Jul 2026, 10:48 am (IST)
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