IELTS 2026 में बड़ा बदलाव— परीक्षा अब पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड होगी और सेक्शन रिटेक की सुविधा मिलेगी। जानें नए नियम और फायदे।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:29 pm (IST)
Source : RASHTRIYA SAMACHAR
विदेश में पढ़ाई या नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए IELTS को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जून 2026 से इस परीक्षा के फॉर्मेट में अहम बदलाव लागू किए जाएंगे, जिससे उम्मीदवारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाएं IDP Education और British Council ने घोषणा की है कि अब पारंपरिक पेन-पेपर मोड को समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बजाय परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होगी। हालांकि, जिन छात्रों को टाइपिंग में परेशानी होती है, उन्हें राइटिंग सेक्शन कागज पर लिखने का विकल्प दिया जाएगा।
इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा ‘सेक्शन रिटेक’ सुविधा है। अब अगर किसी छात्र के Listening, Reading, Writing या Speaking में से किसी एक सेक्शन में कम अंक आते हैं, तो उसे पूरी परीक्षा दोबारा देने की जरूरत नहीं होगी। उम्मीदवार 60 दिनों के भीतर केवल उसी सेक्शन की परीक्षा देकर अपने स्कोर में सुधार कर सकता है।
IELTS परीक्षा चार हिस्सों में होती है— Listening (30 मिनट), Reading (60 मिनट), Writing (60 मिनट) और Speaking (11 से 14 मिनट)। हर सेक्शन में उम्मीदवार की अंग्रेजी भाषा दक्षता को अलग-अलग तरीके से परखा जाता है।
कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट लागू होने से छात्रों को कई फायदे मिलेंगे। रिजल्ट अब सिर्फ 3–4 दिनों में जारी होगा, जबकि पहले इसमें लगभग 13 दिन लगते थे। इसके अलावा ज्यादा परीक्षा स्लॉट उपलब्ध होंगे, राइटिंग सेक्शन में शब्दों की गिनती अपने आप हो जाएगी और हैंडराइटिंग से जुड़े अंक कटने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
IELTS परीक्षा 16 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी उम्मीदवार दे सकता है, जिसके पास वैध पासपोर्ट हो। इसके लिए किसी विशेष शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती।
फिलहाल इस परीक्षा की फीस 18,000 रुपये है, जिसे 1 अप्रैल से बढ़ाकर 19,000 रुपये कर दिया जाएगा। परीक्षा साल भर में कई बार आयोजित होती है, जिससे छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट चुनने का विकल्प मिलता है।
IELTS का स्कोर बैंड सिस्टम में दिया जाता है और यह 2 साल तक मान्य रहता है। भारत में औसतन 6.0 से 6.3 बैंड स्कोर देखने को मिलता है, जबकि 7 या उससे अधिक स्कोर हासिल करने वाले छात्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है।
IELTS स्कोर के आधार पर दुनिया भर के 12,000 से अधिक संस्थानों में प्रवेश मिलता है। भारतीय छात्र खासतौर पर यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में पढ़ाई के लिए इस परीक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
तैयारी के लिए छात्र IDP IELTS की वेबसाइट पर ऑनलाइन मॉक टेस्ट भी दे सकते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है।
Published at : 27 Mar 2026, 01:20 pm (IST)
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