जांच एजेंसी संदिग्ध विदेशी फंडिंग, फर्जी पहचान पत्र तैयार कराने और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई यूपी ATS द्वारा दर्ज मामले के आधार पर की गई है।
By : Admin User | Updated at : 16 Jul 2026, 11:08 am (IST)
उत्तर प्रदेश में कथित टेरर फंडिंग, अवैध घुसपैठ और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा अभियान चलाया है। गुरुवार को एजेंसी ने लखनऊ सहित राज्य के 13 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई और इसकी निगरानी ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने की।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश ATS द्वारा पहले दर्ज की गई FIR से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि एक संगठित नेटवर्क कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध एंट्री कराने, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाने और विभिन्न राज्यों में उन्हें बसाने में सक्रिय था। इसी नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों की जांच अब ईडी कर रही है।
प्रारंभिक जांच में एजेंसी को ऐसे वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं, जिनमें कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं की भूमिका भी सामने आई है। जांच के मुताबिक, इन संस्थाओं को कथित तौर पर विदेशों से धन प्राप्त होता था, जिसे अलग-अलग बैंक खातों, म्यूल अकाउंट्स और कई स्तरों वाले ट्रांजैक्शन के जरिए आगे भेजा जाता था ताकि धन के वास्तविक स्रोत और उपयोग को छिपाया जा सके।
जांच में यह भी पता चला है कि संदिग्ध लेन-देन के दौरान छोटी-छोटी रकम कई खातों में ट्रांसफर करने और बार-बार नकद निकासी जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया। ईडी अब इन खातों, लाभार्थियों और वित्तीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य अहम साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Published at : 16 Jul 2026, 11:08 am (IST)