जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर सरकार और CJP के बीच हुई अहम बैठक में तीन में से दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी। छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने और पीड़ित परिवारों को मुआवजे पर सहमति बनी, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला अभी बाकी है।
By : Admin User | Updated at : 24 Jul 2026, 06:35 pm (IST)
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के बीच हुई अहम बैठक खत्म हो गई है। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। सूत्रों के अनुसार, CJP की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है।
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। वहीं CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने प्रतिनिधित्व किया। बैठक के दौरान CJP ने अपनी मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े सुझावों का लिखित प्रस्ताव सरकार को सौंपा।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि चर्चा सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने बताया कि CJP की तीन मुख्य मांगों और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझावों पर विस्तार से बातचीत हुई है। सरकार इन मांगों पर विचार कर रही है और अगले दौर की बैठक में अपना अंतिम रुख स्पष्ट करेगी।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जता दी है। हालांकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने अंतिम निर्णय के लिए कुछ समय मांगा है।
इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर चुके हैं। लेकिन CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उधर केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी भी कर रही है। प्रस्तावित नए कानून में पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने, तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने, दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस विधेयक को जल्द संसद में पेश किया जा सकता है।
Published at : 24 Jul 2026, 06:35 pm (IST)