लेकिन जब टीम ने कच्चे माल की जांच की, तो वहां साबुत हल्दी का कोई स्टॉक नहीं मिला। संदिग्ध स्टॉक जब्त कर छह नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
By : Admin User | Updated at : 05 Aug 2026, 11:45 am (IST)
उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की छापेमारी के दौरान मसालों में संभावित मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। पनकी के इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज नामक मसाला फैक्ट्री में जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे संकेत मिले, जिनसे हल्दी पाउडर की गुणवत्ता और उसकी निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
छापेमारी के समय फैक्ट्री में मसालों का उत्पादन जारी था और मशीनों पर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था। लेकिन जब टीम ने कच्चे माल की जांच की, तो वहां साबुत हल्दी का कोई स्टॉक नहीं मिला। इसके बजाय बड़ी मात्रा में चावल के टूटे हुए दाने (ब्रोकन राइस), लिक्विड कलर और अन्य सामग्री रखी हुई थी। इससे अधिकारियों को आशंका हुई कि चावल के दानों में रंग मिलाकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से 77 बैग चावल के टूटे दाने, 42 बैग हल्दी पाउडर और 30-30 किलोग्राम मिर्च एवं धनिया पाउडर बरामद किया गया। जब्त किए गए पूरे स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 86 हजार 200 रुपये आंकी गई है। जांच पूरी होने तक इस संदिग्ध स्टॉक को बाजार में जाने से रोकने के लिए विभाग ने उसे जब्त कर लिया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। उपभोक्ताओं की सतर्कता और समय पर सूचना से ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
Published at : 05 Aug 2026, 11:45 am (IST)