इस जीत को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि प्रशांत किशोर ने महज 35 से 40 दिनों के चुनावी अभियान के दम पर बीजेपी की सबसे मजबूत सीटों में से एक पर कब्जा जमाया। जीत के बाद उन्होंने इसे अपनी नहीं, बल्कि बांकीपुर की जनता की जीत बताया और लोगों का आभार व्यक्त किया।
By : Admin User | Updated at : 04 Aug 2026, 03:30 pm (IST)
बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बीजेपी के लंबे समय से चले आ रहे गढ़ को ध्वस्त कर दिया। यह सीट वर्ष 1995 से लगातार बीजेपी के कब्जे में थी और इसे पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता था। उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी,
जिस पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने जीत हासिल कर नया इतिहास रच दिया। मतगणना के अनुसार, प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट प्राप्त हुए। इस तरह प्रशांत किशोर ने 19,324 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, आरजेडी की उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता को 14,273 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहीं। इस जीत को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि प्रशांत किशोर ने महज 35 से 40 दिनों के चुनावी अभियान के दम पर बीजेपी की सबसे मजबूत सीटों में से एक पर कब्जा जमाया। जीत के बाद उन्होंने इसे अपनी नहीं, बल्कि बांकीपुर की जनता की जीत बताया और लोगों का आभार व्यक्त किया। इस उपचुनाव की एक और दिलचस्प बात यह रही कि 'नीतीश कुमार' और 'लालू प्रसाद यादव' नाम के दो निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।
हालांकि ये बिहार के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि उनके हमनाम प्रत्याशी थे। चुनाव में इन दोनों को बेहद कम वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार नीतीश कुमार को केवल 149 वोट, जबकि लालू प्रसाद यादव को महज 81 वोट मिले। निर्धारित न्यूनतम वोट हासिल नहीं कर पाने के कारण दोनों की जमानत जब्त हो गई। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में कुल 24 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से जन सुराज, बीजेपी और आरजेडी के बीच माना जा रहा था। प्रशांत किशोर की यह जीत बिहार की राजनीति में जन सुराज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।