स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए,स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि मौतों का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और विशेषज्ञों की मदद से सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
By : Admin User | Updated at : 14 Jul 2026, 10:56 am (IST)
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की लगातार हो रही मौतों ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मई से अब तक कम से कम 18 महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें कुछ मरीज किडनी फेल होने के कारण डायलिसिस पर हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
सबसे अधिक चिंता भीलवाड़ा, कोटा और बीकानेर के सरकारी अस्पतालों से सामने आए मामलों को लेकर है। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में छह दिनों के भीतर पांच महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी के बाद मौत हो गई। वहीं कोटा में मई के दौरान पांच प्रसूताओं की मौत दर्ज की गई। बीकानेर में भी सिजेरियन ऑपरेशन के बाद कई महिलाओं की किडनी प्रभावित हुई, जिनमें दो की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य मरीजों का इलाज जारी है।
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि मौतों का यह पैटर्न अधिकारियों और विशेषज्ञों के लिए भी आश्चर्यजनक है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ब्लड रिपोर्ट और अन्य मेडिकल जांच सामान्य मिली हैं, जिससे मौतों का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। सरकार ने AIIMS दिल्ली सहित राज्य के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों से भी पूरे मामले की समीक्षा कराई है।
प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि कुछ अस्पतालों में संसाधनों की कमी और अत्यधिक कार्यभार के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, मौतों के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों को संक्रमण नियंत्रण और सर्जिकल प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
Published at : 14 Jul 2026, 10:56 am (IST)