भारत सरकार ने Telegram को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर पाइरेटेड फिल्में और कॉपीराइट कंटेंट हटाने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने और Action Taken Report (ATR) सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि केवल शिकायत पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
By : Admin User | Updated at : 04 Jul 2026, 03:03 pm (IST)
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन पाइरेसी पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कंपनी को 15 दिनों के भीतर अपनी एंटी-पाइरेसी व्यवस्था मजबूत करने और की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
सरकार का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में पाइरेटेड फिल्में, OTT कंटेंट और कॉपीराइट सामग्री साझा की जा रही है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और क्रिएटर इकोनॉमी को भारी नुकसान हो रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल शिकायत मिलने के बाद कंटेंट हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्लेटफॉर्म को खुद भी ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसे रोकने और हटाने के लिए सक्रिय कदम उठाने होंगे।
सरकार ने Telegram से उसके Grievance Redressal सिस्टम की पूरी जानकारी भी मांगी है, ताकि यह समझा जा सके कि शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई की जाती है और प्रक्रिया कितनी प्रभावी है। इसके साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले यूजर्स, चैनल्स, ग्रुप्स और नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Telegram को 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) जमा करनी होगी, जिसमें यह बताना होगा कि उसने पाइरेटेड कंटेंट की पहचान, रोकथाम और हटाने के लिए क्या कदम उठाए हैं। यदि तय समय सीमा में रिपोर्ट नहीं दी जाती है, तो सरकार आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकती है।
सरकार ने यह भी कहा है कि यह कदम आईटी एक्ट 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य भारत की क्रिएटर इकोनॉमी, फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के हितों की सुरक्षा करना है।
Published at : 04 Jul 2026, 03:03 pm (IST)
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