मोबाइल से ई-रिक्शा बंद करने वाला BAT-BMS ऐप चर्चा में! वायरल वीडियो के बाद सरकार एक्शन में, जानिए क्या सच है, कैसे करता है काम और गलत इस्तेमाल करने पर क्या हो सकती है सजा।
By : PRIYA PANDEY | Updated at : 03 Jul 2026, 01:48 pm (IST)
सोशल मीडिया पर इन दिनों BAT-BMS App को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। कई वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इस मोबाइल ऐप की मदद से सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा (टिर्री) को कुछ ही सेकेंड में रोका जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद ई-रिक्शा चालकों में चिंता बढ़ गई है, जबकि सरकार ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति किसी ई-रिक्शा के डिजिटल सिस्टम में दखल देता है, तो यह केवल शरारत नहीं बल्कि गंभीर साइबर अपराध माना जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो में कुछ लोग अपने स्मार्टफोन से BAT-BMS ऐप खोलते हैं और दावा करते हैं कि उसके बाद पास से गुजर रहे ई-रिक्शा की बैटरी डिसेबल हो जाती है। कई वीडियो में वाहन बीच सड़क पर रुकता दिखाई देता है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की कि उनके वाहन अचानक बंद हो रहे हैं, जिससे उनकी रोज़गार पर असर पड़ रहा है।
सरकार ने शुरू की जांच
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मामले को गंभीरता से लिया गया है। सरकार तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऐप वास्तव में ई-रिक्शा के सिस्टम तक पहुंच बना सकता है या नहीं।
कैसे काम करता है BAT-BMS App?
जानकारी के अनुसार, BAT-BMS एक Battery Management System (BMS) ऐप है, जिसे स्मार्ट लिथियम बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए बनाया गया है। यह ऐप ब्लूटूथ के माध्यम से संगत बैटरियों से जुड़कर बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी दिखाता है। कुछ बैटरियों में रिमोट ऑन-ऑफ फीचर भी मौजूद होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी बैटरी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और कोई अनधिकृत व्यक्ति उससे कनेक्ट हो जाता है, तो तकनीकी रूप से बैटरी के संचालन में हस्तक्षेप संभव हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
क्या ऐसा करना अपराध है?
साइबर सुरक्षा कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के अनुसार, आधुनिक ई-रिक्शा केवल वाहन नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम भी हैं। यदि कोई व्यक्ति मालिक की अनुमति के बिना उसके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में प्रवेश करता है या उसे नियंत्रित करने की कोशिश करता है, तो यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर 3 साल तक की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी चिंता
वायरल वीडियो के बाद कई ई-रिक्शा चालक आशंकित हैं कि यदि इस तरह के ऐप का दुरुपयोग हुआ तो उनकी सुरक्षा और रोज़गार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। बीच सड़क पर वाहन बंद होने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी डिजिटल ऐप का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति के वाहन या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में बिना अनुमति हस्तक्षेप करने के लिए न करें। ऐसा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
Published at : 03 Jul 2026, 01:48 pm (IST)
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