मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज, आम लोगों के Person-to-Person UPI भुगतान रहेंगे पूरी तरह मुफ्त
By : Admin User | Updated at : 05 Aug 2026, 02:47 pm (IST)
सरकार ₹2000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.40% तक MDR लागू करने पर विचार कर रही है। हालांकि, व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। जानिए नए प्रस्ताव का किस पर होगा असर।
न्यूज़ आर्टिकल
नई दिल्ली: देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों UPI यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। केंद्र सरकार ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.40% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) को किए जाने वाले सामान्य UPI ट्रांजैक्शन पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा।
संसद में पेश हुआ संशोधन विधेयक
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल' पेश किया है। इस बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों पर MDR लगाने से जुड़ी रोक हटाने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह व्यवस्था कब से लागू होगी।
किन ट्रांजैक्शन पर होगा असर?
प्रस्ताव के अनुसार, केवल व्यापारियों (Merchants) को किए जाने वाले ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR लागू हो सकता है। वहीं, दो व्यक्तियों के बीच होने वाले सामान्य UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन कुल लेनदेन का लगभग 95% हिस्सा हैं। इसलिए दूध, सब्जी, किराना, ऑटो, टैक्सी और अन्य छोटे दैनिक भुगतान पर इस प्रस्ताव का असर पड़ने की संभावना बेहद कम है।
सरकार तय कर सकती है अधिकतम शुल्क
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार MDR की राशि पर अधिकतम सीमा (Ceiling) भी तय कर सकती है, ताकि व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े। चूंकि UPI भुगतान में क्रेडिट कार्ड जैसी फंडिंग लागत नहीं होती, इसलिए सीमित शुल्क मॉडल पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल क्रेडिट और डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान पर MDR लिया जाता है, लेकिन अधिकांश व्यापारी यह शुल्क ग्राहकों से नहीं वसूलते। यदि नया प्रस्ताव लागू होता है, तो UPI के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इसी व्यवस्था के दायरे में आ सकते हैं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह केवल प्रस्तावित बदलाव है और इसे लागू करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो देश के डिजिटल भुगतान सिस्टम में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा।
Published at : 05 Aug 2026, 02:47 pm (IST)