उत्तर गुजरात के मेहसाणा जिले के भुणाव गांव में एक साधारण शुरुआत से लेकर कैलिफोर्निया में अध्ययन तक डॉ. गणपत पटेल की सफलता गाथा प्रेरणादायी है। पद्मश्री पुरस्कार विजेता डॉ. गणपत पटेल ने शिक्षा क्षेत्र में अपने स्वप्न को साकार करने के लिए ‘गणपत यूनिवर्सिटी’ की स्थापना की।
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Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
गांधीनगर, 07 अक्टूबर । राज्य सरकार की नई पहल के रूप में उत्तर गुजरात क्षेत्र के लिए ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (वीजीआरसी) का आयोजन मेहसाणा की गणपत यूनिवर्सिटी में होने जा रहा है। गणपत यूनिवर्सिटी नवाचार का एक प्रतिष्ठित केंद्र है। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के अग्रणी महानुभाव एक साथ, एक मंच पर इकट्ठे होंगे और सेमिनार एवं पैनल चर्चाओं के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
उत्कृष्टता का सफर
12 जनवरी, 1945 को मेहसाणा के भुणाव गांव में जन्मे डॉ. पटेल ने अपनी शिक्षा की शुरात गांव के प्राथमिक स्कूल की। इसके बाद उन्होंने अहमदाबाद के एम.जी. साइंस कॉलेज में पढ़ाई पूरी की और इंजीनिरिंग की उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए। वहां उन्होंने आईयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी और बाद में 1969 में कैलिफोर्निया की पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी, पोमोना से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
डॉ. पटेल को मिले सम्मान और उनके मूल्य
डॉ. पटेल को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2019 में साहित्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके अलावा, उन्हें अमेरिका की ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ इंजीनियर्स ऑफ इंडियन ओरिजिन’ की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और काल पोली यूनिवर्सिटी, पोमोओ की ओर से 2018 में डिस्टिंग्विश एलुमनस अवॉर्ड से नवाजा गया।
डॉ. पटेल ने अपने करियर की शुरुआत डिजाइन इंजीनियर के रूप में की और अमेरिका की कई अग्रणी कंपनियों के साथ कार्य किया, जिनमें यूएस एविएशन इंडस्ट्री, लॉकहीड (अजूजा), कल्वर सिटी में एबोट ट्रांजिस्टर लैब और जानी मानी कंप्यूटर सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बरोज कॉर्पोरेशन शामिल हैं। हालांकि, उनका स्वप्न एक उद्यमी बनने का था। 1978 में उन्होंने चेरोकी इंटरनेशनल की स्थापना की, जो आगे चलकर एक सफल वैश्विक कंपनी बनी। फिर 2004 में उन्होंने इस कंपनी को जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) को बेच दिया। शिक्षा के स्वप्न को साकार करने के लिए उन्होंने 2005 में ‘गणपत यूनिवर्सिटी’ की स्थापना की, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और सामाजिक परिवर्तन लाया जा सके।
आज, गणवत यूनिवर्सिटी उनके विजन और समर्पण का प्रतीक बन गई है। यूनिवर्सिटी का परिसर 300 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, नवाचार केंद्र, डिजिटल कक्षाएं और पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। गुजरात सरकार ने इसे उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में मान्यता दी है, साथ ही इसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) से ‘ए’ ग्रेड और क्वाक्वेरेली साइमंड्स- क्यूएस आई-जीएयूजीई की ओर से डायमंड रेटिंग भी प्राप्त है।
आज के उद्योगों के लिए प्रशिक्षण और नए कौशल प्रदान करने के लिए यूनिवर्सिटी विभिन्न सेक्टर स्कूल काउंसिल और एनएसडीसी इंटरनेशनल के साथ निकटता से जुड़कर कार्य कर रही है। यूनिवर्सिटी ने टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, एलान्फोचिप्स, टीसीएस, बॉश रेक्सरोथ, बजाज ऑटो और एमक्योर फार्मा जैसी कंपनियों के साथ गहन साझेदारी की है, जिसके चलते विद्यार्थियों को उद्योगों से संबंधित वास्तविक अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलती है।
गणपत यूनिवर्सिटी गुजरात का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो मरीन इंजीनियरिंग में बी.टेक. और नॉटिकल साइंस में बीएससी जैसे मैरीटाइम कार्यक्रमों की पेशकश करता है। इसमें एक अनोखा शिप-इन-कैम्पस और 360 डिग्री नेविगेशन सिम्युलेशन सेंटर है, जिसे नौवहन महानिदेशालय की ओर से ए-1 ग्रेड प्राप्त हुआ है।
आगामी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में शिक्षा और उद्यमिता के प्रति डॉ. गणपत पटेल के जीवनभर के समर्पण को एक बार फिर उजागर किया जाएगा। गणपत यूनिवर्सिटी परिसर में इस भव्य आयोजन के साथ ही डॉ. पटेल की सफलता गाथा सभी के लिए प्रेरणादायी बनेगी।
Published at : 07 Oct 2025, 03:44 pm (IST)
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