आसाराम नाबालिग से रेप मामले में अप्रैल, 2018 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी। राजस्थान उच्च न्यायालय में 29 अक्टूबर 2025 को आसाराम की सजा स्थगन और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की याचिका पर सुनवाई हुई थी।
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Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
जोधपुर, 29 अक्टूबर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने नाबालिग से रेप के दोषी आसाराम को 6 महीने की जमानत दी है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की डिवीजन बेंच ने जमानत के आदेश दिए।
यह याचिका मेडिकल आधार पर लगाई गई थी। अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद उसने 30 अगस्त को सरेंडर कर दिया था। हालांकि, सरेंडर के कुछ दिन उसकी तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।
दरअसल, आसाराम नाबालिग से रेप मामले में अप्रैल, 2018 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी। राजस्थान उच्च न्यायालय में 29 अक्टूबर 2025 को आसाराम की सजा स्थगन और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की याचिका पर सुनवाई हुई थी। आसाराम की ओर से दिल्ली से आए सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने पैरवी की। राजस्थान सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) दीपक चौधरी ने दलील रखीं। पीडि़ता की ओर से एडवोकेट पीसी सोलंकी ने पैरवी की। सभी पक्षों को सुनने के बाद बेंच ने 6 महीने की जमानत दी है।
Published at : 29 Oct 2025, 10:21 am (IST)
Tags : Rape case Asaram