धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद अन्ना हजारे ने NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए और समाजहित सबसे ऊपर है।
By : Admin User | Updated at : 26 Jul 2026, 10:25 am (IST)
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई है। अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी जनसमस्या का समाधान हिंसा के जरिए नहीं, बल्कि बातचीत, संवाद और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए।
अन्ना हजारे ने कहा कि हिंसा से कभी कोई सवाल हल नहीं होता। लोकतंत्र में जनता की समस्याओं और मांगों को चर्चा के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने अपने आंदोलनों का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर 22 बार अनशन किया, लेकिन कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। उनके मुताबिक शांतिपूर्ण और अनुशासित आंदोलनों के दबाव से देश में कई महत्वपूर्ण कानून बने।
सरकार को भी नसीहत देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को सबसे पहले जनता की वास्तविक समस्याओं और मांगों को समझना चाहिए। अगर जनहित में सरकार को दो कदम आगे बढ़ना पड़े तो उसे इससे पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन की सफलता को केवल हार या जीत के नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि समाज के हित में क्या हासिल हुआ, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है।
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
Published at : 26 Jul 2026, 10:25 am (IST)