सिद्धारमैया ने अपने लंबे संदेश में कहा कि आज राजनीति का क्षेत्र पूरी तरह भ्रष्ट हो चुका है। उनके मुताबिक, पहले जब वह चुनाव लड़ते थे तो क्षेत्र की जनता आर्थिक सहयोग करती थी और उनकी जीत सुनिश्चित करने में मदद करती थी, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई हैं।
By : Admin User | Updated at : 26 Jul 2026, 04:23 pm (IST)
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव उम्मीदवार के तौर पर नहीं लड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी राजनीति से दूरी बनाने के बावजूद वह सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता की समस्याओं तथा उनके सुख-दुख की आवाज उठाते रहेंगे।
सिद्धारमैया ने अपने लंबे संदेश में कहा कि आज राजनीति का क्षेत्र पूरी तरह भ्रष्ट हो चुका है। उनके मुताबिक, पहले जब वह चुनाव लड़ते थे तो क्षेत्र की जनता आर्थिक सहयोग करती थी और उनकी जीत सुनिश्चित करने में मदद करती थी, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए लोगों को पैसे देने की स्थिति बन गई है और ईमानदार राजनीति के लिए जगह कम होती जा रही है।
उम्र और स्वास्थ्य को भी सिद्धारमैया ने अपने फैसले की वजह बताया। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र अब 79 वर्ष हो चुकी है और मौजूदा सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक वह 81-82 वर्ष के हो जाएंगे। उनकी सेहत भी पहले जैसी नहीं रही है और अब पहले जैसी ऊर्जा तथा उत्साह के साथ काम करना मुश्किल है। 2028 तक उनके राजनीतिक जीवन के 50 वर्ष भी पूरे हो जाएंगे।
सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। अपने करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने जीत और हार दोनों का सामना किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया और न ही अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम किया।
Published at : 26 Jul 2026, 04:21 pm (IST)