धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जानिए कौन हैं नए शिक्षा मंत्री, उनकी पढ़ाई, राजनीतिक करियर और अब उनके सामने क्या बड़ी चुनौतियां हैं।
By : Admin User | Updated at : 26 Jul 2026, 02:25 pm (IST)
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्री का पदभार संभाल लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक में हुआ। साधारण परिवार से आने वाले जोशी ने अपनी शुरुआती शिक्षा रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल, हुबली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज से बी.ए. की पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों से ही वे सामाजिक गतिविधियों और जनसंपर्क में सक्रिय रहे। बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई।
राजनीति में लंबा अनुभव
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। उन्होंने 1998 में भाजपा के जिला अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली और 2004 में पहली बार लोकसभा पहुंचे। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी जीत दर्ज की। वे कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री, खान मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
शिक्षा मंत्रालय के सामने बड़ी चुनौती
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं, जब NEET पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की प्रक्रिया चल रही है। सरकार NTA के पुनर्गठन, परीक्षा सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य में तकनीक आधारित परीक्षा व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है और वे इसे पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और विनम्रता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में वे पूरी क्षमता से काम करेंगे।
आंदोलन के बाद हुआ बदलाव
देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई नेतृत्व टीम शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाती है।
Published at : 26 Jul 2026, 02:25 pm (IST)