वंश-आधारित इस नए कानून के लागू होने के बाद विदेश में जन्मे वे बच्चे भी कनाडाई नागरिकता पा सकेंगे, जो पुराने नियमों की वजह से बाहर रह जाते थे!
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
कनाडा ने अपने नागरिकता कानून में बड़ा बदलाव करते हुए C-3 बिल को मंजूरी दे दी है जो लंबे समय से फर्स्ट-जनरेशन लिमिट के कारण परेशान भारतीय मूल के परिवारों के लिए राहत लेकर आया है. वंश-आधारित इस नए कानून के लागू होने के बाद विदेश में जन्मे वे बच्चे भी कनाडाई नागरिकता पा सकेंगे, जो पुराने नियमों की वजह से बाहर रह जाते थे!
इस कदम से भारतीय मूल के हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा। कनाडा सरकार ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर बताया कि नागरिकता अधिनियम-2025 में संशोधन करने वाले विधेयक C-3 को स्वीकृति दी गई है। यह नागरिकता अधिनियम को और अधिक समावेशी बनाने और कनाडाई नागरिकता के मूल्योँ को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
"नए कानून के लागू होते ही उन सभी लोगों को कनाडाई नागरिकता मिल जाएगी, जो इस नए विधेयक के प्रभाव में आने से पहले पैदा हुए और जो प्रथम-पीढ़ी की सीमा या पुराने प्रावधानों के कारण नागरिक नहीं बन पाए थे।" कनाडाई वंशानुक्रम से नागरिकता पर पहली-पीढ़ी की सीमा वर्ष 2009 में लागू की गई थी। इसका अर्थ है कि यदि कोई बच्चा कनाडा के बाहर पैदा हुआ या गोद लिया गया है, तो वह वंशानुक्रम से कनाडाई नागरिक नहीं माना जाता था, यदि कनाडाई माता-पिता भी कनाडा के बाहर पैदा हुए हों या गोद लिए गए हों। प्रेस नोट में बताया है कि नया कानून विदेश में जन्मे या गोद लिए गए कनाडाई माता-पिता को इस विधेयक के लागू होने की तिथि या उसके बाद कनाडा के बाहर जन्मे या गोद लिए गए अपने बच्चे को नागरिकता देने की अनुमति देगा, बशर्ते कि उनका कनाडा से पर्याप्त संबंध हो और सभी नियम पर खरे उतरते हों ।
Published at : 25 Nov 2025, 11:30 am (IST)
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