मजदूर लगभग 4,000 फीट की गहराई में खनन कार्य कर रहे थे। मीथेन गैस के विस्फोट के बाद लगी आग और खदान धंसने से बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया है। राहत टीमें लगातार अभियान चला रही हैं, जबकि दो मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
By : Admin User | Updated at : 01 Aug 2026, 12:36 pm (IST)
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित सोरांगे कोयला क्षेत्र में हुए भीषण खदान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मीथेन गैस के विस्फोट के बाद दो कोयला खदानों में आग लग गई और कई हिस्से ढह गए, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। अब तक 32 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
मीथेन गैस विस्फोट बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे की शुरुआत एक निजी कोयला खदान में मीथेन गैस के तेज विस्फोट से हुई। विस्फोट के बाद खदान में आग फैल गई और सुरंगों का बड़ा हिस्सा ढह गया। हादसा इतना गंभीर था कि इसका असर पास की दूसरी खदान तक पहुंच गया।
दो खदानों में फंसे थे दर्जनों मजदूर
अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय दोनों खदानों में कुल 34 मजदूर काम कर रहे थे। राहत दल अब तक 32 शव बाहर निकाल चुका है। पहली खदान में अभी भी दो मजदूरों के फंसे होने की आशंका है और उनकी तलाश लगातार जारी है।
करीब 4,000 फीट नीचे चल रहा था काम
बताया गया कि हादसे के समय मजदूर लगभग 4,000 फीट की गहराई में खनन कार्य कर रहे थे। विस्फोट के बाद अचानक आग लगने और सुरंगें धंसने से उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। धमाके की आवाज आसपास के कई इलाकों तक सुनाई दी।
दूसरी खदान भी आई चपेट में
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पास में मौजूद दूसरी कोयला खदान भी प्रभावित हो गई। वहां काम कर रहे मजदूर भी हादसे की चपेट में आ गए, जिसके बाद दोनों खदानों में एक साथ राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रशासन की निगरानी में राहत कार्य
स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता मजदूरों का पता लगाने और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए बचाव अभियान बिना रुके जारी रहेगा। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है।
Published at : 01 Aug 2026, 12:35 pm (IST)