प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्गों से शराब और मांसाहारी भोजन की दुकानों को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें|
By : Admin User | Updated at : 30 Jul 2026, 11:32 am (IST)
कांवड़ यात्रा 2026 के मद्देनज़र पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों तक पैदल यात्रा करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है।
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार के अनुसार, 30 जुलाई से मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद 4 अगस्त से दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे (NH-58) और गंगा नहर रोड पर सभी प्रकार के वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा, ताकि कांवड़ियों की यात्रा बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
डायवर्जन प्लान के तहत हरिद्वार और सहारनपुर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को देवबंद, पचेंडा, मीरापुर, मवाना और मेरठ के रास्ते भेजा जाएगा। वापसी का ट्रैफिक भी इन्हीं मार्गों से संचालित होगा। प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों के कारण यात्रियों को अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे यात्रा का समय और बस-टैक्सी का किराया बढ़ सकता है।
गाजियाबाद पुलिस ने भी 29 जुलाई से 12 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू करने की घोषणा की है। दिल्ली की ओर से आने वाले भारी मालवाहक वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा जाएगा। 5 अगस्त से हल्के व्यावसायिक वाहन, कार, टेम्पो और अन्य यात्री वाहनों पर भी निर्धारित मार्गों पर प्रतिबंध लागू होंगे। वहीं, 7 अगस्त से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सामान्य वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। केवल डाक कांवड़ियों और आपातकालीन सेवाओं को विशेष अनुमति के साथ प्रवेश मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मेरठ जोन में लगभग 25,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा करीब 7,000 AI-सक्षम CCTV कैमरे, अस्थायी पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग और इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के जरिए पूरे यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी। घाटों पर मेडिकल टीमों, एम्बुलेंस, राहत एवं बचाव दल की भी तैनाती की गई है।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्गों से शराब और मांसाहारी भोजन की दुकानों को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अतिरिक्त समय लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हों। इससे यात्रा के दौरान होने वाली असुविधा को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
Published at : 30 Jul 2026, 11:32 am (IST)