महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने है। यह नियम सरकारी और निजी सभी स्कूलों पर लागू होगा।
By : Admin User | Updated at : 30 Jul 2026, 03:02 pm (IST)
महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जंक फूड की बिक्री पर सख्त कदम उठाया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने आदेश जारी कर स्कूल परिसरों के अंदर और उनके आसपास 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, अधिक चीनी, अधिक नमक और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, मुफ्त वितरण और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंधे द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल स्कूल परिसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल से 50 मीटर के दायरे में भी लागू होगा। प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों में वड़ा पाव, समोसा, तले हुए स्नैक्स, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, अधिक चीनी वाले पेय, चॉकलेट और आइसक्रीम जैसे उत्पाद शामिल हैं।
FDA के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करना और मोटापा, मधुमेह तथा अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करना है। यह नियम राज्य के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा, चाहे वे किसी भी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हों। अधिकारियों का अनुमान है कि इस फैसले से राज्य के दो करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित होंगे।
स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और अभिभावकों को भी बच्चों के स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करें। FDA ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों और संबंधित प्रबंधन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, स्कूल कैंटीन संचालित करने के लिए अब खाद्य सुरक्षा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। भविष्य में केवल FDA से लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को ही स्कूल कैंटीन चलाने की अनुमति मिलेगी। यदि कोई स्कूल स्वयं कैंटीन संचालित करता है, तो उसे भी आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करना होगा। FDA के निरीक्षक प्रत्येक स्कूल का वर्ष में कम से कम दो बार निरीक्षण करेंगे ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इसी बीच, खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में मुंबई के तीन भोजनालयों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। जांच में स्वच्छता की गंभीर कमियां, खाद्य सामग्री का उचित रिकॉर्ड न होना, पेयजल की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट का अभाव और रसोई संचालन में कई अनियमितताएं पाई गईं। FDA ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Published at : 30 Jul 2026, 03:01 pm (IST)