एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 से पहले भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी चर्चा का विषय बन गई है। हॉकी इंडिया द्वारा पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की नई किट पेश किए जाने पर पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नीली जर्सी भारतीय हॉकी की पहचान और इतिहास का अहम हिस्सा रही है, इसलिए इस बदलाव पर पुनर्विचार होना चाहिए।
By : Admin User | Updated at : 30 Jul 2026, 03:38 pm (IST)
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के आगाज़ से पहले भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर विवाद तेज हो गया है। हॉकी इंडिया ने आगामी टूर्नामेंट के लिए टीम की नई किट लॉन्च की है, जिसमें पारंपरिक नीले रंग के बजाय भगवा रंग को प्रमुखता दी गई है। इस बदलाव के बाद पूर्व खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
भारत के पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने इस फैसले पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि भारतीय हॉकी टीम की सबसे बड़ी पहचान उसकी नीली जर्सी रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने वर्षों तक उसी जर्सी को पहनकर देश का प्रतिनिधित्व किया और प्रशंसकों के लिए भी यह टीम की पहचान बन चुकी है। उनके अनुसार, बिना किसी स्पष्ट कारण के इतने बड़े बदलाव की जरूरत समझ से परे है।
रासकिन्हा का मानना है कि जर्सी सिर्फ खिलाड़ियों की पोशाक नहीं होती, बल्कि वह टीम के इतिहास, परंपरा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक भी होती है। ऐसे में विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से पहले रंग बदलने का फैसला कई लोगों को असहज कर सकता है।
वहीं दूसरी ओर भारतीय टीम अपने अभियान की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के मार्गदर्शन में खिलाड़ी फिटनेस, रणनीतिक योजनाओं और पेनल्टी कॉर्नर जैसी अहम परिस्थितियों पर लगातार अभ्यास कर रहे हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम ने हाल ही में स्विट्जरलैंड में विशेष प्रशिक्षण शिविर भी लगाया, जहां मानसिक मजबूती और प्रदर्शन सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया।
भारत का लक्ष्य इस बार करीब पांच दशक बाद हॉकी विश्व कप का खिताब जीतना है। भारतीय टीम ने अपना एकमात्र विश्व कप 1975 में जीता था। ऐसे में जहां एक ओर टीम खिताब जीतने की तैयारी कर रही है, वहीं नई जर्सी को लेकर उठी बहस भी खेल जगत में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
Published at : 30 Jul 2026, 03:38 pm (IST)