सरदार अरमान कश्मीरी ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, न्याय और मजबूत बुनियादी ढांचा हर नागरिक का अधिकार है।
By : Admin User | Updated at : 30 Jul 2026, 10:51 am (IST)
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आंदोलन को पूरे पाकिस्तान तक ले जाने का ऐलान किया है। संगठन के कोर कमेटी सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने पाकिस्तान, कश्मीर घाटी, जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और पुंछ के लोगों से इस आंदोलन का समर्थन करने और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।
सरदार अरमान कश्मीरी ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, न्याय और मजबूत बुनियादी ढांचा हर नागरिक का अधिकार है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इन मांगों को उठाने वाले लोगों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाया जा रहा है।
इसी बीच JAAC के एक अन्य कोर कमेटी सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है, जबकि बीते 52 से 53 दिनों के दौरान मृतकों की संख्या करीब 100 तक पहुंच चुकी है। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिससे सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
संगठन ने यह भी दावा किया है कि पूरे क्षेत्र में संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद होने के कारण वहां के हालात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल हो गया है। JAAC का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और कई इलाकों में लोगों को अपनी बात रखने की भी अनुमति नहीं दी जा रही।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, क्योंकि क्षेत्र में संचार सेवाएं बाधित होने से जानकारी सीमित रूप से उपलब्ध हो रही है।
Published at : 30 Jul 2026, 10:49 am (IST)