अदालत ने आरोपियों को UAPA और NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण राहत दी। इसके अलावा, जिस भारतीय नागरिक पर समुद्र के रास्ते मादक पदार्थों की खेप लेने का आरोप था, उसे भी अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
By : Admin User | Updated at : 28 Jul 2026, 11:23 am (IST)
गुजरात के जखाऊ तट के पास साल 2019 में पकड़ी गई 330 किलो ब्राउन हेरोइन की खेप से जुड़े मामले में विशेष NIA अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने छह पाकिस्तानी नागरिकों को आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही विदेशी अधिनियम के तहत प्रत्येक दोषी पर ₹25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
विशेष NIA अदालत के न्यायाधीश हेमांग रावल ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियम, 1950 के तहत भी पांच साल की सजा सुनाई, हालांकि यह सजा मुख्य सजा के साथ-साथ चलेगी।
हालांकि, अदालत ने आरोपियों को UAPA और NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण राहत दी। इसके अलावा, जिस भारतीय नागरिक पर समुद्र के रास्ते मादक पदार्थों की खेप लेने का आरोप था, उसे भी अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
समुद्र के रास्ते भारत पहुंचाई जा रही थी ड्रग्स की खेप
NIA की जांच के मुताबिक, 20 मई 2019 को राजस्व खुफिया निदेशालय को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान की एक मछली पकड़ने वाली नाव गुजरात के जखाऊ तट के पास भारतीय समुद्री सीमा में नशीले पदार्थ पहुंचाने वाली है।
इसके बाद 21 मई 2019 को भारतीय तटरक्षक बल के जहाज 'अरिंजय' ने पाकिस्तान के झंडे वाली संदिग्ध नाव को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान नाव पर मौजूद लोगों ने कुछ संदिग्ध बैग समुद्र में फेंक दिए। बाद में तटरक्षक बल ने समुद्र से 194 पैकेट बरामद किए, जबकि अलग-अलग अभियानों में 17 और पैकेट भी बरामद किए गए।
जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क
जांच एजेंसियों ने पाकिस्तान की नाव 'अल-मदीना' और भारतीय नाव 'फेजाने किरमानी' को भी कब्जे में लिया। पूछताछ के दौरान पाकिस्तानी नाव के कप्तान सफदर अली ने कथित तौर पर मादक पदार्थों की खेप एक भारतीय व्यक्ति तक पहुंचाए जाने की जानकारी दी।
भुज की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में बरामद पदार्थ की जांच की गई, जिसमें उसे ब्राउन हेरोइन बताया गया। जांच के अनुसार, छह पाकिस्तानी नागरिक 11 पॉलीप्रोपाइलीन बैग में पैक किए गए 330 पैकेट मादक पदार्थ लेकर भारतीय समुद्री सीमा में दाखिल हुए थे।
अदालत के इस फैसले के बाद 2019 के इस चर्चित समुद्री ड्रग्स तस्करी मामले में छह पाकिस्तानी नागरिकों को सजा हुई है, जबकि भारतीय आरोपी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ मिला
Published at : 28 Jul 2026, 11:23 am (IST)